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अभी अभी से’ना को मिली नई आसमानी ताकत, स्व’देशी ड्रो’न ‘अ’भ्यास’ का स’फल प’रीक्षण….

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नई दिल्ली: भा’रतीय से’ना को एक नई ता’कत मिली है. भारत ने अ’भ्यास ल’ड़ाकू ड्रो’न का ओडिशा के बालासोर में सफल प’रीक्षण किया है. र’क्षा अ’नुसंधान और वि’कास सं’गठन (DRDO) ने अ’भ्यास – हाईस्प ए’क्सपेंडेबल ए’रियल टा’रगेट का फ्लाइट टेस्ट मंगलवार को किया. भा’रतीय स’शस्त्र ब’लों को अभ्यास ल’ड़ाकू ड्रो’न का काफी लाभ मिलेगा. 


कें’द्रीय र’क्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अ’भ्यास के स’फल उ’ड़ान प’रीक्षण को बड़ी स’फलता क’रार दिया है. राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘DRDO ने आज ITR बा’लासोर से अभ्यास – हाई-स्पीड ए’क्सपेंडेब’ल ए’रियल टा’रगेट के स’फल उ’ड़ान प’रीक्षण के साथ एक मी’ल का प’त्थर पा’र किया है. इसका इ’स्तेमाल वि’भिन्न मि’साइल प्र’णालि’यों के मू’ल्यांकन के लिए एक ल’क्ष्य के रूप में किया जा सकता है. इस उ’पलब्धि के लिए DRDO और इससे जुड़े लोगों को ब’धाई.’

राजनाथ सिंह ने DRDO को दी ‘बधाई

जबर्दस्त है अभ्यास का डिजाइन
अभ्यास को D’RDO के ए’यरोनॉटिक’ल डे’वलपमेंट इ’स्टैब्लिशमेंट (एडीई) द्वारा डि’जाइन और वि’कसित कि’या गया है. इसे ट्’विन अं’डरस्लैंग बू’स्टर का उपयोग करके लॉ’न्च किया गया है. DRDO ने अभय को एक इन-लाइन छोटे गैस ट’र्बाइन इं’जन पर डि’ज़ाइन किया है. यह डि’वाइस स्व’देशी रू’प से वि’कसित मा’इक्रो-इलेक्ट्रो-मै’केनिकल सि’स्टम-आ’धारित प्रणाली है. इसका प्र’योग ने’विगेशन के लिए किया जाता है. DRDO ने इसे खा’स तरह से डि’जाइन किया है. पूरे ढां’चे में पां’च मु’ख्य हि’स्से हैं, जिसमें नो’ज को’न, इ’क्विप’मेंट बे, ईं’धन टैं’क, ह’वा पास होने के लिए ए’यर इं’टेक बे और टेल कोन हैं. 

अ’भ्यास कैसे करता है का’म?
अ’भ्यास ड्रोन एक छोटे गै’स ट’र्बाइन इं’जन पर काम करता है. यह ए’मईएम’एस ने’विगेशन सि’स्टम और फ्ला’इट कं’ट्रोल कं’प्यूटर के सहारे चलता है. अ’भ्यास को पूरी त’रह से स्वा’यत्त उ’ड़ान के लिए तै’यार किया गया है.