Categories
धर्म

अगर आ’पका भा’ग्य नही दे रहा हैं आप’का सा’थ, तो शनि’वार की रा’त्रि करें ये उपाय…

धार्मिक समाचार

Welcome

जीव’न के एक मो’ड़ पर आ’कर हम स’भी के साथ ऐसा होता है कि कोई काम नहीं बनता। जिस का’म को हाथ लगा’ओ वह रु’क जाता है या फिर उसमें सफ’लता हा’सिल नहीं होती। कोई नया व्या’पार चला’एं या नौक’री बदलें, दोनों में असफ’लता ही हाथ लगती है। ऐसा लगता है मा’नो भा’ग्य ने साथ छो’ड़ दिया हो।

केव’ल काम’पेशा लोग ही नहीं, विद्या’र्थी और घ’रेलू लोगों को भी अपने भा’ग्य के कम’जोर होने का एह’सास कभी ना कभी हो’ता जरूर है। ऐसे में कुछ लोग तो धै’र्य बनाए रख’ते हैं और इंत’जार करते हैं बु’रा व’क्त गुज’रने का।

ले’किन वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें कुछ भी करके इस अभा’ग्य से सं’घर्ष कर’ना है और इसे दूर करने का हर संभ’व प्र’यत्न करना है। अगर आप उन लोगों में से हैं तो च’लिए आपको शा’स्त्रों द्वा’रा प्रदान किए गए एक टो’टके से परि’चित कराते हैं जो बेह’द सरल है किं’तु इसका प्रभा’व लाज’वाब है।

ये है भा’ग्य दूर करने का छोटा-सा उपाय। शा’स्त्रीय मत के अनु’सार इस उपाय को करने के कुछ ही दि’नों में जी’वन की नकारा’त्मकता दूर हो जाती है और भा’ग्य वा’पस प्रब’ल होने लगता है।

उपा’य के अनु’सार सर’सों के तेल में सि’क्के, गे’हूं के आटे व पुराने गुड़ से तै’यार सा’त पूए, सात म’दार (आक) के पु’ष्प, सिं’दूर, आटे से तै’यार सर’सों के तैल का रू’ई की बत्ती से जल’ता दी’पक, पत्तल या अर’ण्डी के पत्ते पर रख’कर शनि’वार की रा’त्रि में किसी चौरा’हे के कोने पर रखें, बीच में नहीं और कहें – “हे मेरे दुर्भा’ग्य तुझे यहीं छो’ड़े जा रहा हूं, कृपया मेरा पी’छा ना करना।“ ऐसा कहते हुए सा’मान को वहां रख दें और सी’धा घर की ओर नि’कल जाएं, गलती से भी पीछे मुड़’कर न देखें।