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दे’श को मिली दुनि’या की सबसे बड़ी सुरंग: PM मोदी बोले- ‘वि’पक्ष ने रक्षा हितों से किया सम’झौता’

हिंदी खबर

प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में 10 हजार फीट की ऊंचाई पर निर्मित ‘‘अटल सुरंग’’ के उद्घाटन के बाद यहां एक समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ने वाली 9.02 किलोमीटर लंबी अटल सुरंग दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण यह सुरंग हिमालय की पीर पंजाल श्रृंखला में औसत समुद्र तल से 10,000 फीट की ऊंचाई पर अति-आधुनिक विशिष्टताओं के साथ बनाई गई है।

मोदी ने कहा कि हमेशा से यहां अवसंरचनाओं को बेहतर बनाने की मांग उठती रही, लेकिन लंबे समय तक देश में सीमा से जुड़ी विकास की परियोजनाएं या तो योजना के स्तर से बाहर ही नहीं निकल सकीं। उन्होंने कहा कि जो (परियोजनाएं) निकली भी वो या तो अटक गईं या फिर लटक गईं और भ’ट’क गईं।

अटल सुरंग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि साल 2002 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस सुरंग के लिए अप्रोच रोड का शिलान्यास किया था, लेकिन उनकी सरकार जाने के बाद इस काम को भी भुला दिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘हालत ये थी कि साल 2013-14 तक सुरंग के लिए सिर्फ 1300 मीटर का काम हो पाया था। विशेषज्ञ बताते हैं जिस रफ्तार से उस समय अटल सुरंग का काम हो रहा था, उसी रफ्तार से यदि काम होता तो यह 40 साल में जाकर शायद पूरा हो पाता।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि अ’वसं’रच’ना की इतनी बड़ी परियोजना के निर्माण में देरी से देश का हर तरह से नुक’सान होता है। इ’ससे लोगों को सुविधा मिलने में तो देरी होती ही है, इसका खा’मिया’जा देश को आर्थिक स्तर पर भी उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर उसी रफ्तार से काम च’ला हो’ता तो ये सु’रं”ग साल 2040 में जा”क”र पू”रा हो पाती। आपकी आ”ज जो उ”म्र” है, उसमें 20 वर्ष और जो”ड़ लीजिए, तब जाकर लोगों के जीवन में ये दिन आता, उनका सपना पूरा होता।’’

मो’दी ने कहा कि उस वक्त के लि’हा’ज से इसके नि’र्मा’ण में ती’न गु’ना से अधि’क खर्च आया। ‘‘अंदा’जा ल’गाइ’ए जब इसमें 20 साल और लग जाते तो क्या स्थिति होती।’’ उन्हों’ने कहा कि संपर्क का देश के वि’कास से सीधा संबंध होता है और सीमा से जुड़े इ”ला’कों में तो संपर्क देश की रक्षा जरूरतों से जुड़ी होती है। उन्होंने कहा, ‘‘इसे लेकर जि’स गं’भी’र’ता की आ”वश्’य”कता थी, जिस राजनीतिक इ’च्छा’श’क्ति की आव’श्यक’ता थी, वैसी नहीं दिखाई दी।’’