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बड़ी खबर :भारतीय किसान यूनियन के महासचिव पर दो मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने चलाई गोली….

भारतीय किसान यूनियन की हरियाणा इकाई के महासचिव जसतेज सिंह संधू उस समय बाल-बाल बच गए जब दो मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन पर गोली चलाई. उस समय वह कुरुक्षेत्र में प्रदर्शनकारी किसानों से मिलने जा रहे थे. कुरुक्षेत्र पुलिस ने यह जानकारी दी.पुलिस उपाधीक्षक गुरमेल सिंह ने कहा हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री स्वर्गीय जसविंदर संधू के बड़े बेटे 45 वर्षीय किसान नेता सोमवार को पेहोवा के पास एक टोल प्लाजा की ओर जा रहे थे, जब यह घटना हुई.

डीएसपी ने कहा कि दो मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनकी कार का पीछा किया, जिसे वह खुद ही चला रहे थे और उनमें से एक ने करीब से उन पर गोली चलाई, लेकिन गोली उनको नहीं लगी. उन्होंने कहा कि कार को जब्त कर लिया गया है और फॉरेंसिक टीम ने वाहन का निरीक्षण किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है. जसतेज सिंह संधू ने मीडिया को बताया कि वह तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जारी धरना के तहत पिछले कई दिनों से वहां डेरा डाले किसानों से मिलने के लिए, पेहोवा के पास टोल प्लाजा पर जा रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर दो युवकों ने उनकी कार का पीछा किया और मारने की नीयत से उन पर गोली चलाई जो विंडस्क्रीन के रास्ते बाहर निकल गई.

गौरतलब है कि केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को लेकर गतिरोध अब भी बरकरार है. कानूनों को रद्द कराने पर अड़े किसान इस मुद्दे पर सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं. इसके लिए दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन आज 90वें दिन भी जारी है. इस बीच किसानों को मनाने के लिए अब तक केंद्र सरकार की ओर से की गईं सभी कोशिशें बेनतीजा रही हैं.

 बता दें कि किसान हाल ही बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों – द प्रोड्यूसर्स ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) एक्ट, 2020, द फार्मर्स ( एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेज एक्ट, 2020 और द एसेंशियल कमोडिटीज (एमेंडमेंट) एक्ट, 2020 का विरोध कर रहे हैं. केन्द्र सरकार इन कानूनों को जहां कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही है, वहीं प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे.