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1 दिसंबर से पहले ज़रूर निपटा ले बैंक से जुड़े ये काम, नहीं तो फंस जायेंगे आपके पैसे

इस साल के आखिरी महीने यानी की दिसंबर की शुरुआत में  आप लोग बैंक से जुड़े कामों को निपटा ले नहीं तो अगले महीने आपको  पैसे से जुडी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैं .  ऐसा हैं की  सरकार ने कुछ नए नियम बनाये हैं . जो की  दिसम्बर के शुरुआत से लागू हो सकते हैं . तो आयिए आपको बताते हैं की ये क्या नए  नियम हैं. 

दरअसल सरकार के नए नियमों के अनुसार,  पेंशनधारकों के लिए  लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना बेहद जरूरी हो जाएगा , और अगर ये सर्टिफिकेट जमा नहीं हुआ तो पेंशन अटक भी सकती हैं .  वहीं दूसरी ओर  किसानों को भी पीएम किसान  सम्मान योजना   के तहत पैसे पाने के लिए अपना आधार नंबर देना अब अनिवार्य हो जाएगा.

आयिए इन नियमों के तहत आपको कुछ सवालों का जवाब देते हैं :

  1. सवाल-   क्यों जरूरी है लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना?

जवाब-   रिटायर हो चुके लोगों को अपना लाइफ सर्टिफिकेट देना अब अनिवार्य हो जाएगा , क्युकी ये सर्टिफिकेट पेंशन लेने वाला व्यक्ति जिंदा हैं ये बताता हैं , एक सबूत के तौर पर इसका इस्तेमाल होगा.  जो लोग 30 नवंबर यानी की आज  अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा नहीं करवाएंगे उनकी पेंशन  भी रुक सकती है .   सरकार ने एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कर दिया  हैं जिसके जरिये  पेंशनर अपने जीवन प्रमाण पत्र को ऑनलाइन  भी जमा कर सकता हैं .

1.  पेंशनधारकों को आधार नंबर, मोबाइल नंबर, पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ) नंबर और पेंशन खाता संख्या के अलावा अंगुली के निशान देने ज़रूरी  होंगे.

2 . जीवन प्रमाण पोर्टल (https://jeevanpramaan.gov.in) के जरिये यह काम आप डिजिटली कर सकते हैं.
3.  डोरस्टेप सुविधा भी है उपलब्ध जो वरिष्ठ नागरिक बैंक शाखा जाने में असमर्थ हैं, उन्हें पेंशन बांटने वाली एजेंसियां आधार आधारित प्रमाणीकरण के लिए डोरस्टेप सेवाएं भी देती हैं.

2.) 6000 रुपये पाने के लिए आधार लिंक करना जरूरी-   मोदी  सरकार  ने पीएम-किसान सम्मान निधि स्कीम  की किश्त पाने के लिए आधार नंबर  को लिंक करवाने की अंतिम तारीख 30 नंवबर तय की है.

अगर किसी ने इसे लिंक करवाने में देरी की तो उसके खाते में 6000 रुपए नहीं आएंगे. इसके लिए मोदी सरकार ने 30 नवंबर 2019 की तारीख निशित की हैं .

अगर आपने इस दौरान ऐसा नहीं किया तो खेती-किसानी के लिए 6000 रुपए की मदद से आप वंचित रह जायेंगे . हालांकि, जम्मू-कश्मीर लद्दाख, असम और मेघालय के किसानों को 31 मार्च 2020 तक मौका दिया गया है.

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