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प्या’ज खा’ने के अ’चूक फा’यदे: प्या’ज खा’ने के बा’द रा’त में क’रें ये का’म, हो जा’एंगे….

हिंदी खबर

प्या’ज ऐ’सा खा’द्य पदा’र्थ है जि’से लगभ’ग ह’र खा’ने में शा’मिल कि’या जा’ता है. क’ई लो’ग तो इ’से क’च्चे रू’प में स’लाद में खा’ना पसं’द क’रते हैं. हा’लांकि कु’छ लो’ग इस’की गं’ध के च’लते इ’से क’च्चा खा’ने से क’तराते हैं. ऐ’से लो’गों की शि’कायत हो’ती है कि प्या’ज खा’ने से मुं’ह से बद’बू आ’ने ल’गती है ले’किन क्या आप’को प’ता है कि प्या’ज का से’वन क’रने से श’रीर को क’ई ज’रूरी पौ’ष्टिक त’त्व मि’लते हैं. आ’पको ब’ता दें कि ग’र्मियों में प्या’ज का सेव’न क’रने के का’रण ही’ट स्ट्रो’क से भी ब’चा जा सक’ता है. सा’थ ही सा’थ य’ह ग’र्मी के मौ’सम में क’ई अ’न्य त’रह की बी’मारियों से भी हमा’री र’क्षा क’रता है. आइ’ए आ’पको ब’ताते हैं कि प्या’ज का से’वन कर’ने से क्या-क्या फा’यदे हो स’कते हैं.

ही’ट स्ट्रो’क से बचा’ता है

गर्मि’यों के स’मय ह’र सा’ल क’ई लो’ग ही’ट स्ट्रो’क का शि’कार हो जा’ते हैं. प्या’ज का सेव’न क’रने के का’रण ही’ट स्ट्रो’क की स’मस्या से ब’चे रह’ने में का’फी ह’द त’क मद’द मि’ल सक’ती है. दरअ’सल प्या’ज में पा’नी की प’र्याप्त मा’त्रा पा’ई जा’ती है जो ज’रूरत पड़’ने प’र श’रीर में पा’नी की क’मी को पू’रा कर’ती है. इस’लिए गर्मि’यों में नि’यमित रू’प से प्या’ज का से’वन कर’ना चा’हिए. इ’सके अला’वा य’ह गर्मि’यों में लू से भी बचा’ता है.

ब्ल’ड सर्कु’लेशन को में’टेन कर’ता है

प्या’ज को आ’प अप’नी डा’इट में स’लाद की त’रह शा’मिल क’र सक’ते हैं. य’ह श’रीर का ब्ल’ड सर्कु’लेशन में’टेन रख’ता है. ऐ’सा हो’ने से व्य’क्ति को गर्मि’यों के मौ’सम में थका’न औ’र कम’जोरी मह’सूस न’हीं हो’ती है. प्या’ज का से’वन कर’ने के का’रण इ’समें मौजू’द वि’शेष गु’ण ब्ल’ड सर्कु’लेशन को में’टेन कर’ने में स’क्रिय रू’प से म’दद कर’ते हैं.

इ’म्यूनिटी बढ़ा’ता है

इम्यूनि’टी मज’बूत हो’ने के का’रण ही श’रीर क’ई प्रका’र के संक्रा’मक बीमा’रियों से ब’चा र’हता है. जि’न लो’गों की रो’ग प्रति’रोधक क्षम’ता बहु’त म’जबूत हो’ती है व’ह ज’ल्दी बी’मार न’हीं पड़’ते औ’र उ’न्हें स’र्दी जु’काम की स’मस्या भी न’हीं हो’ती है. प्या’ज में इम्यू’न से’ल्स को मेंटे’न ब’नाए र’खने के वि’शेष गु’ण पा’ए जा’ते है. इस’लिए अप’नी इम्यूनि’टी को म’जबूत बना’ए रख’ने के लि’ए प्या’ज का सेव’न निय’मित रू’प से क’र सक’ते हैं.

सूज’न क’म क’रे

आप’ने दे’खा हो’गा कि ज’ब क’भी घ’र प’र कि’सी को चो’ट ल’ग जा’ती है तो उ’से प्या’ज औ’र ह’ल्दी को चो’ट लग’ने वा’ली जग’ह प’र ल’गाने की सला’ह दी जा’ती है. इस’का वैज्ञा’निक का’रण है कि प्या’ज द’र्द के का’रण हो’ने वा’ली सूज’न को क’म कर’ने में प्रभा’वी रू’प से का’म क’रता है. इसलि’ए प्या’ज का सेव’न कर’ने के का’रण श’रीर का द’र्द क’म हो’ता है.