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नी’तीश कु’मार ब’ने बि’हार के मु’ख्यमंत्री, तो रचें’गे ये न’या इति’हास, जा’निए पू’री….

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नई दिल्ली: बि’हार विधा’नसभा चुना’व परि’णाम आ’ने के बा’द स’ब कु’छ सा’फ हो चु’का है। एन’डीए को बहु’मत मि’ल चु’का है। उस’की सर’कार ब’ननी है। अ’ब इंत’जार है तो सि’र्फ औ’र सि’र्फ शप’थ ग्र’हण स’मारोह का। ऐ’सी संभा’वना है कि दीपा’वली के बा’द अग’ले स’प्ताह न’ई सर’कार का ग’ठन हो सक’ता है। संभा’वना इ’स बा’त की है कि जेडी’यू अ’ध्यक्ष नीती’श कु’मार ए’क बा’र फि’र बि’हार के मुख्यमं’त्री बनें’गे।

नी’तीश कु’मार इ’स प’द प’र अ’भी त’क 14 व’र्ष 82 दि’न त’क र’ह चु’के हैं

य’हां य’ह ब’ताना जरू’री है कि दे’श के ब’डे रा’ज्यों में से ए’क बि’हार में अ’भी त’क सर्वा’धिक स’मय त’क मुख्यमं’त्री र’हने का रिकॉ’र्ड श्री’कृष्ण सिं’ह के ना’म प’र है। जो इ’स प’द प’र 17 व’र्ष 52 दि’न त’क र’हे थे। इस’के बा’द नी’तीश कुमा’र इ’स प’द प’र अ’भी त’क 14 व’र्ष 82 दि’न त’क र’ह चु’के हैं।

इ’स बा’र ज’ब नी’तिश कु’मार मुख्यमं’त्री बने’गें तो पि’छले दो दश’कों में सा’त बा’र मुख्य’मंत्री के रू’प में शप’थ ले’ने में उ’नका ना’म शुमा’र हो जा’एगा। उन्हों’ने सब’से पह’ली बा’र सा’ल 2000 में मुख्यमं’त्री प’द की शप’थ ली थी। इ’सके बा’द राजनी’तिक उ’तार चढ़ा’व के च’लते व’ह इस्ती’फा दे’ते र’हे औ’र मुख्यमं’त्री प’द की श’पथ ले’ते र’हे हैं।

बि’हार में मुख्य’मंत्री के ना’म का फै’सला एन’डीए विधा’यक द’ल की बैठ’क में हो’गा। य’ह बैठ’क दीपाव’ली के बा’द ही हो’ने की पू’री संभा’वना है। नीती’श कु’मार क’ह चु’के है। कि कि ह’मलोग प’हली बा’र सर’कार में आ’ए तो 88 विधा’यक के सा’थ। दूस’री बा’र 115 विधा’यक ले’कर आ’ए औ’र 2015 में 101 लड़’कर 71 जी’ते। एन’डीए में भाज’पा को सब’से ज्या’दा 74 सी’टें मि’ली हैं, ज’बकि जे’डीयू को सि’र्फ 43 सी’टें मि’ली हैं।

बि’हार के मु’ख्यमंत्री नीती’श कु’मार ने क’हा है कि लो’गों ने एन’डीए को जना’देश दि’या है

2015 में जे’डीयू को 71 सी’टें मि’ली थी, जब’कि 2010 में उ’से 115 सी’टें मि’ली थीं। ऐ’से में अ’ब स’वाल उ’ठ र’हा है कि क्या नी’तीश कु’मार इ’स प्रद’र्शन के आ’धार प’र फि’र से मु’ख्यमंत्री ब’नेंगे? बि’हार के मुख्य’मंत्री नीती’श कु’मार ने क’हा है कि लो’गों ने एन’डीए को ज’नादेश दि’या है औ’र व’ह सरका’र बना’एगी। हालां’कि अ’भी य’ह त’य न’हीं हु’आ है कि श’पथ स’मारोह क’ब हो’गा, दिवा’ली के बा’द या छ’ठ के बा’द ये बा’त अबत’क सा’फ न’हीं हो स’की है।