Categories
Other

बॉलीवुड में छाया मातम, इस बड़ी अभिनेत्री की माँ का हुआ निधन

अपने जामने की बॉलीवुड में बड़ी अभिनेत्री और बड़े गीतकार जावेद अख्तर की पत्नी शबाना आज़मी को आप सभी जानते ही होंगे । शबाना की मां और मशहूर अदाकारा, लेखिका शौकत कैफी आजमी का शुक्रवार को निधन हो गया। शौकत कैफी की पहचान मशहूर शायर, लेखक व गीतकार कैफी आजमी की पत्नी के तौर पर भी होती है। शौकत की अंतिम विदाई में बॉलीवुड के तमाम सितारें उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे । तो आयिए आज हम आपको शौकत कैफ़ी आज़मी की ज़िन्दगी से जुड़ी कुछ ख़ास और दिलचस्प बाते बताते हैं ।

दरअसल 90 साल की शौकत कैफी लंबे समय से काफी बीमार चल रही थीं। उनके पारिवार के लोगों के अनुसार, बीमारी के चलते शुक्रवार शाम को उनका जुहू स्थित आवास पर इंतकाल हो गया हैं । शौकत के इंतकाल के समय उनकी बेटी शबाना आजमी भी वहीं मौजूद थीं। 

शुक्रवार की रात से ही कई फ़िल्मी सितारें शबाना आज़मी के घर पर नज़र आये थे। ‘महानायक’ अमिताभ बच्चन भी शौकत कैफी के अंतिम संस्कार में पहुंचे हुए थे, और उनके अलावा अभिनेत्री रेखा, उर्मिला मातोंडकर, तब्बू , ऋषि कपूर और संजय कपूर जैसे बहुत से कलाकार भी शौकत को अतिंम विदाई देने पहुंचे हुए थे । 

शौकत आजमी इंडियन पीपल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की सांस्कृतिक शाखा प्रोग्रेसिव राइटर्स एसोसिएशन से जुड़ी हुई थीं। फिल्म जगत में उन्हें एमएस सथ्यू की ‘गर्म हवा’ और मुजफ्फर अली की ‘उमराव जान’ के साथ सागर सरहदी की ‘बाजार’ जैसी कला फिल्मों में बेहतरीन अभिनय के लिए याद किया जाता हैं । शौकत और कैफी आजमी के निकाह के किस्से भी बहुत ही दिलचस्प हैं, जिनमें कहा जाता है कि शौकत ने हैदराबाद के एक मुशायरे में कैफी की मशहूर नज्म ‘औरत’ को सुनने के बाद अपनी मंगनी तोड़कर उनके सामने निकाह का प्रस्ताव रख दिया था। 

कम्युनिस्ट पार्टी का सदस्य बनने के बाद वह उन्हीं के बनाए कम्यून में रहा करते थे। वहीं शबाना और उनके भाई बाबा का भी जन्म हुआ था। उनकी बेग़म शौकत कैफी ने उनका हर स्थिति में बराबर साथ दिया हैं । शौकत के पति कैफ़ी ने भी अपनी बीवी को प्रेरणा मान कर कई नज्में कहीं, और ‘औरत’ उन्हीं नज्मों में से एक हैं । 

एक बार जब किसी कार्यक्रम में शौकत कैफी साहब का ऑटोग्राफ़ लेने आईं तो उन्होंने शेर लिखा की-  

वही अब्रे-जाला चमकनुमा वही, ख़ाके-बुलबुले-सुर्ख़-रू ज़रा
राज़ बन के महल में आओ, दिले घंटा तुन तो बिजली कड़के धुन
तो फबन झपट के लगन में आओ

इस शेर पर शौकत नाराज होकर कैफी साहब से पूछा कि उन्होंने ऐसा शेर उनकी डायरी में क्यूं लिखा, तो इस पर कैफी ने जवाब दिया कि क्यूंकि शौकत पहले सरदार जाफ़री से ऑटोग्राफ लेने चली गयीं थीं।। 

Leave a Reply

Your email address will not be published.