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बाॅलीवुड के ये 7 सुपरस्टार्स हैं बेहद अंधविश्वासी, नंबर 3 का नाम जान हैरान रह जाओगे!

क्या आप जानते हैं कि बाॅलीवुड के टाॅप सुपरस्टारर्स कितने अंधविश्वासी हैं ? शायद आप नहीं जानते हैं, कि आपके ये चहिते सितारे बिना टोने-टोटके के एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाते. जी हाँ इतने अंधविश्वासी तो आम लोग भी नहीं होते, जितने ये दुनियाभर में अपनी खास पहचान रखनेवाले सेलेब्स होते हैं. लेकिन आपसे कहीं ज्यादा, टाॅप के ये बाॅलीवुड सेलेब्स हैं जो अंधविश्वास को अपना बेस्ट वेल विशर मानते हैं. जिन्हें अपने टायलेंट से ज्यादा टोटकों पर विश्वास है. तो चलिए फटाफट जानते हैं उन सुपरस्टार्स के बारे में.

दबंग भाईजान सलमान खान की बात करें, तो उनके हाथ में भी आपको नज़र आ जाएगा. फिरोजा ब्रेसलैट जो ना सिर्फ भाईजान का स्टाइल आईकाॅन है, बल्कि ये उनका लकी चार्म भी है. जी हां दोस्तों सलमान खान के पापा सलीम खान ने उन्हें ये ब्रेसलेट उनकी रक्षा और सक्सेस के लिए दिया था, जिसे दबंग खान कभी भी खुद से अलग नहीं करते हैं. ज्योतिषशास्त्र की मानें, तो ये पत्थर शुक्र ग्रह का प्रतिनीधि माना जाता है. इसका मतलब जो लोग प्रेम संबंधों में सफलता चाहते हैं, या एंटरटेनमेट, मीडिया या फिर क्रियेटिवीटि से जुड़े फिल्ड में सक्सेस की सीढी चढना चाहते हैं, उन्हें ‘फिरोजा’ पहनने की सलाह दी जाती है. वैसे भाईजान हर मामले में सक्सेसफुल तो रहे हैं, लेकिन प्यार के मामले में उनका ये पत्थर अबतक सफल नहीं हो पाया है. खैर उम्मीद अभी भी बाकी है, क्योंकि भाईजान की लाइफ में उन्हें बेइंतहा प्यार करनेवाली हसीनाओं की कमी तो नहीं है, लेकिन हमारे सल्लू मियां ही ना जाने क्यों कतराते हैं प्यार को परमानेंट करने से. खैर इसका जवाब तो उनके पापा के पास भी नहीं है.

आज के टाइम में सबके चहीते सुपरस्टार सांवरिया रणबीर कपूर आठ नंबर को अपने लिए काफी लकी मानते हैं. उनका कहना है, कि वो ज्यादा अंधविश्वासी नहीं हैं, लेकिन चुकी उनकी मां का बर्थडे 8 तारीख को आता है. इसलिए वो इस नंबर को अपने लिए काफी लकी मानते हैं. तभी तो जनाब के गाड़ियों के नंबर से लेकर होटल के कमरे तक के लिए भी वो नंबर 8 को ही चूज करते हैं.

इस लिस्ट में सबसे टाॅप पर जिसका नाम आता है, वो हैं हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के मेगास्टार, अमिचाभ बच्चन. जिनके हाथ में आपने एक बेहद खास स्टोन देखा होगा, जिसका नाम है ‘नीलम’ नाम तो सुना होगा. अपने इस नीलम पर उन्हें खुद से ज्यादा भरोसा है. ओर इसके पीछे काफी बड़ी वजह भी है. दरअसल नब्बे के दशक का अंत होते-होते ऐसा लगने लगा था, मानो अमिताभ बच्चन के करियर की नैया डूबने वाली है. ऐसे में आपका ये सूपरस्टार जा पहुंचा किसी जाने-माने पंडित के पास, जिन्होंने अमिताभ बच्चन को दे डाली नीलम पहनने की सलाह. नीलम पहनने के कुछ समय बाद ही 2000 में उन्हें मिला टेलीविजन इंडस्ट्री में धमाल माचा देनेवाले शो ‘कौन बनेगा करोड़पती’ को होस्ट करने का ऑफर. इस शो ने बिग बी के करियर को कितनी उंची उड़ान दी इसे बताने की जरुररत नहीं. तभी तो उन्हें अपने नीलम पर है इतना भरोसा. एक और बात जो आप जानते होंगे, कि अमिताभ बच्चन कभी भी लाइव क्रिकेट मैच नहीं देखते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर वो मैच लाइव देखते हैं तो इंडिया को हार का मुंह देखना पड़ता है. लो जी कर लो बात, अब कहीं ऐसा ना हो, कि जब कभी भी इंडिया की हार हो, तो आप मान बैठें की बिग बी ने लाइव मैच देखा होगा. खैर वो इसे मानते हैं तो ये उनके क्रिकेट प्रेम को भी बखूबी दर्शाता है.

बाॅलीवुड के मिस्टर परफेक्सनिस्ट आमिर खान को लगता है कि उनके लिए दिसंबर का महीना सबसे ज्यादा लकी होता है. इसलिए वो अपनी ज्यादातर फिल्में दिसंबर के महीने में ही रिलीज़ करते हैं. ओहो, कहीं ऐसा तो नहीं कि दंगल गर्ल के बापू जी ने अपनी सबसे बिग बज़ट वाली फिल्म “ठग्स ऑफ हिंदुस्तान” को दिसंबर में रिलीज़ नहीं किया था, इसलिए वो फ्लाॅप हो गई .

हृतिक के पापा राकेश रौशन ‘क’ अक्षर को अपने और रितिक दोनों के लिए काफी लकी मानते हैं. तभी तो क अक्षर से शुरु होनेवाली उनकी सारी फिल्में ह्ट रही हैं. जैसे “करण-अर्जुन”, “कहो ना प्यार है”, “कामचोर”, “काबिल” और “कोई मिल गया”. वहीं जब राकेश रौशन ने फिल्म “भगवान दादा” बनाई तो वो फ्लाॅप हो गई. अब ऐसे में उनका क अक्षर को लेकर विश्वास और ज़्यादा गहरा हो गया और यही वजह है कि हृतिक रौशन खुद भी क अक्षर पर खुद से ज्यादा भरोसा करते हैं. इतना ही नहीं उनके हाथ की छठी उंगली भी उनका लकी चार्म है, जिसे वो अपने लिए ग्रीक गाॅड की निशानी मानते हैं.

रोमांस के किंग नाम से मशहुर बादशाह यानि शाहरुख खान को 555 नंबर पर खुद से ज्यादा भरोसा है. अब इसकी हद आप इसी बात से समझ सकते हैं, कि किंग खान की सभी गाड़ियों के नंबर 555 ही हैं, इतना ही नहीं वो तो सिगरेट भी 555 के ही पीते हैं. यकीन नहीं होता तो कभी उनकी कार के नंबर प्लेट पर अपनी नज़र दौड़ा लीजियेगा. 

खिलाड़ी कुमार का मनना है कि जब कभी भी उन्होंने अपनी फिल्म का फर्स्ट शो देखा है, तो फिल्म फ्लाॅप हो गई है. इसलिए वो गलती से भी ना तो अपनी फिल्म के प्रीमियर पर मौजूद होते हैं और ना हीं फिल्म का फर्स्ट शो देखते हैं. कहीं ऐसा तो नहीं कि अपने इसी अंधविश्वास की वजह से अक्की जनाब अपनी फिल्म के रिलीज़ होने से पहले विदेश दौरे पर चले जाते हैं.

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