Categories
Other

कोविड-19 को हरा चुके लोगों के खून से बन सकता है हथियार?

पूरे विश्व के देशों में कोरोना वायरस का कहर जारी हैं. भारत में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 21 दिन का लॉक डाउन भी किया गया हैं ताकि लोग अपने-अपने घरों में सुरक्षित रह सकें. इसके इलाज़ से जुडी एक बात सामने आयी हैं क्या कोविड-19 को हरा चुके लोगों के खून से बन सकता है हथियार! तो आइये आपको बताते हैं पूरी बात.

कोरोना वायरस से लड़ रहे मानव के रक्त में मौजूद प्लाज्मा में ऐसी एंटीबॉडी विकसित हो सकती हैं जो इस वायरस के खिलाफ जंग में सभी के लिए नया हथियार बन सकती हैं। वैज्ञानिकों इस अनुमान के आधार पर प्लाज्मा थेरेपी परीक्षण शुरू किए हैं. इन परीक्षण में कोविड-19 की चपेट से बाहर आए मरीजों के रक्त से प्लाज्मा निकालकर बीमार रोगियों को ठीक करने के लिए दिया जा रहा है। अमेरिका और इंग्लैंड में इसे लेकर ट्रायल शुरू हो चुके हैं, वहीं चीन दावा कर रहा है कि उसने इस प्लाज्मा थैरेपी से मरीजों को ठीक किया है। भारत में इसे लेकर अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है.

फरवरी के मध्य में चीन के 20 ऐसे नागरिकों ने अपने प्लाज्मा दान किए जो कोविड-19 से ठीक हो चुके थे। वुहान में उनके इन प्लाज्मा का उपयोग कई मरीजों पर किया गया, जिन्हें उपचार में मदद भी मिली। ये 20 लोग ऐसे डॉक्टर व नर्से थीं जो वायरस की चपेट में आई थीं. उन्हें ठीक हुए 10 दिन से अधिक हो चुके थे। चीन के अध्ययनकर्ताओं का दावा है कि कई गंभीर मरीजों में इस प्लाज्मा थैरेपी के 12 से 24 घंटे में सुधार आने लगा। इससे ठीक हुए कई लोगों ने प्लाज्मा दान किए.

केंद्र सरकार जल्द ही कोरोना वायरस से जुड़ी राष्ट्रीय तैयारियों पर अपनी सर्वे रिपोर्ट पेश करेगी। यह रिपोर्ट 266 आईएएस अधिकारियों से मिले फीडबैक के आधार पर तैयार की जा रही है। कार्मिक मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, सर्वे रिपोर्ट और अन्य मुद्दों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत गठित अधिकारियों के उच्चस्तरीय समूह की बैठक में निर्णय लिया गया.

Leave a Reply

Your email address will not be published.