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Makar Sankranti 2021: मकर संक्रांति के दिन भूल कर भी ना करें इन चीजों का दान नहीं तो हो जाएगा सत्य’नाश

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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नए साल की शुरुआत के साथ ही त्यो’हारों का सीजन भी शुरू हो गया है। पहले लोहड़ी और फिर मकर संक्रां’ति का पर्व हर साल की तरह इस साल भी 14 जनवरी को मनाया जाएगा। यह त्यो’हार हिंदू धर्म के लोगों के लिए काफी महत्व’पूर्ण होता है। ये पर्व नए फल और नए रितु के आने की खुशी में मनाया जाता है। इस दिन हिंदू धर्म में दान पुण्य का दिन माना जाता है। इस दिन दिया गया दान पूरे परिवार को लगता है। माना जाता है कि इस दिन धन का दान नहीं करना चाहिए क्यों’कि ऐसा दान अच्छा नहीं माना जाता है।

मकर संक्रांति की कहानी
हिंदू धर्म के सबसे महत्व’पूर्ण त्यो’हारों में गिने जाने वाले इस त्यो’हार की कहानी काफी अलग है। मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु ने पृथ्वी लोक पर असुरों को मारकर उनके सिरों को काट’कर मंदरा पर्वत पर गाड़ दिया था। भगवान विष्णु के इस युद्ध में विजय होने की खुशी में ही इस दिन को मकर संक्रां’ति के रूप में मनाया जाता है।

8 बजे से शुरू होगा शाही स्नान
इस दिन कुंभ के पहले पावन स्नान की शुरु’आत होती है। कहा जाता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से सभी तरह के दुखों को भग’वान हर लेते हैं। इतना ही नहीं इस दिन स्नान करने से पितृदोष का प्रभाव भी कम होता है। अगर मकर संक्रां’ति के दिन स्नान करने के शुभ मुह’र्त के बारे में बात करें तो इस दिन सूर्य देव प्रात: 8 बजकर 20 मिनट के करीब धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। उस समय से लेकर शाम को सूर्या’स्त तक बना रहेगा।

दान में न दें ये चीजें
मकर संक्रांति के दिन दान देते हुए ध्यान रखना चाहिए कि दान किसी दिखावे या यश को लेकर नहीं देना चाहिए। इस दिन पुरानी और बेकार चीजों का दान नहीं करना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके घर की शांति और लक्ष्मी दोनों ही आपसे नाराज होकर चली जाएंगी।

इन चीजों का करें दान
मकर संक्रांति का दिन दान देने के लिए सबसे पुण्य दिन है। इसलिए नमक, घी और अनाज भी दान कर सकते हैं। इसके साथ ही नए वस्त्रों का दान भी कर सकते हैं। इसे अच्‍छा माना जाता है।

ऐसे करें सुर्य की उपासना
मकर संक्रां’ति के दिन स्नान करने के बाद सूर्यदेव को जल देकर आप अपनी सारी परेशा’नियों को दूर सकते हैं। सूर्य को जल देने से पहले सबसे पहले सूर्य की तरफ मुंह करके बैठ जाओं उसके बाद गंगा’जल वाले लोटे में थोड़े से तिल और चावल डाल दें। उसमें शक्कर, रोली डालें और लोटे में लाल पुष्प डाल दें। इसके बाद उसमें थोड़ा सा घी और एक चम्मच दूध डालें और फिर भग’वान सूर्य को चढ़ा दें।