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धन’तेरस प’र दि’ख जा’एं ये ची’जें, तो सम’झ लें च’मकने वा’ली है कि’स्मत, ब’ढ़ेगा ध’न जा’निए क्या है वो….

धार्मिक खबर

धन’तेरस (Dhanteras 2020) का प’र्व ध’न औ’र आ’रोग्य से जु’ड़ा हु’आ है. इ’स दि’न ध’न के लि’ए भ’गवान कु’बेर (Dhan kuber) औ’र आ’रोग्य के लि’ए धन’वन्तरी की पू’जा की जा’ती है. लो’ग मूल्यवा’न धातु’ओं, न’ए ब’र्तनों औ’र आ’भूषणों की खरी’दारी क’रते हैं. ज्यो’तिषविदों के मु’ताबिक धन’तेरस के त्यो’हार (Festival) प’र कु’छ वि’शेष ची’जों का दि’खाना बे’हद शु’भ मा’ना ग’या है. धनते’रस प’र इ’न ची’जों का दिख’ना अ’च्छा स’मय शु’रू हो’ने का संके’त मा’ना जा’ता है.

धन’तेरस के दि’न कि’न्नरों का दि’खना का’फी शु’भ मा’ना जा’ता है. ऐ’सा क’हा जा’ता है कि अ’गर धनते’रस के दि’न को’ई कि’न्नर स्वे’च्छा से सि’क्का चूम’कर आ’पकी हथे’ली प’र र’ख दे तो क’भी पै’सों की कि’ल्लत न’हीं रह’ती है.

ध’नतेरस के दि’न उ’ल्लू का दि’खना भी का’फी शु’भ मा’ना ग’या है. ब’ता दें कि उ’ल्लू मां ल’क्ष्मी की स’वारी भी हो’ता है. धन’तेरस औ’र दि’वाली प’र मां ल’क्ष्मी की पू’जा की जा’ती है.

धन’तेरस के दि’न स’फेद बि’ल्ली का न’जर आ’ना भी शु’भ मा’ना जा’ता है. इ’स दि’न सफे’द बि’ल्ली का दि’खना आ’पके रु’के या बि’गड़े का’म पू’रे हो’ने का संके’त हो’ता है

धन’तेरस के दि’न सड़’क प’र सि’क्का या पै’से पा’ना बहु’त ही शु’भ मा’ना ग’या है. अ’गर आप’को ऐ’सी को’ई ची’ज मि’ले तो उ’से हमे’शा अ’पने प’र्स या घ’र की ति’जोरी में संभा’लकर र’खें. ऐ’सा क’रने से आप’को क’भी पै’सों की क’मी न’हीं हो’गी.

ज्यो’तिषियों का क’हना है कि य’दि धन’तेरस के दि’न आ’पको को’ई क’न्या उप’हार या कि’सी शु’द्ध धा’तु का सि’क्का दे जा’ए तो सम’झ ली’जिए आप’का अ’च्छा स’मय शु’रू हो ग’या है. ऐ’सी ची’जों को घ’र में ब’हुत संभा’लकर रख’ना चा’हिए.

यूं तो स’र्दी के मौ’सम में छि’पकली का दि’खना मुश्कि’ल हो’ता है, ले’किन धन’तेरस के दि’न अग’र आप’को ये दि’ख जा’ए तो स’मझ ली’जिए आप’का भा’ग्य चम’कने वा’ला है. इ’स दि’न छिप’कली दि’खना का’फी शु’भ हो’ता है.