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दिल्ली पुलिस ने किया खुलासा मौलाना साद ने मरकज से इस तरह कमाए हैं इतने हजार करोड़ रूपए

आईएनएस सबके बीच एक बात सामने ये भी आई हैं मौलाना साद के बयान के बाद कि क्या मौलाना साद अंडरग्राउंड करने में कहीं दिल्ली सरकार का हाँथ तो नहीं हैं.? क्योकि आज देश के अंदर हवा के माफिक जो कोरोना वायरस फैलाया गया हैं वो दें सिर्फ इन मरकज़ के लोगों की हैं. जिनकी वजह से आज देश के अंदर कोरोना के इतने ज्यादा तादात में मरीज बढ़ रहें हैं. दिल्ली पुलिस ने किया खुलासा मौलाना साद ने मरकज से इस तरह कमाए हैं इतने हजार करोड़ रूपए. आइये आपको बताते हैं पूरी बात.

डोजियर में मौलाना साद की रूटीन दिनचर्या से लेकर उसके खास लोगों समेत मरकज के 2 टॉप आरोपियों तक के नाम लिखे हैं. दिल्ली पुलिस द्वारा तैयार किये गए इस डोजियर पर यकीन करें तो इसमे वो नाम लिखे गए हैं जो परिवार, रिश्तेदार और उसके बेटों में मौलाना के सबसे खास और करीबी हैं. इस डोजियर में सबसे पहले लिखा है कि मौलाना साद रोज सुबह 8 बजे मरकज पहुंच जाता है. वहां वो दोपहर 2 से ढाई बजे तक वहां रहता है. फिर 2 घंटे के लिए अपने घर आता है और 4 बजे वापस मरकज पहुंच जाता है, जहां वो रात 10 बजे तक रहता है.

तबलीगी जमात के बैंक खातों की ज़िम्मेदारी मौलाना साद के बेटे यूसुफ सईद और इलियास के पास है. वहीं मौलाना साद के भांजे ओवैस का भी जमात की फंडिंग में अहम रोल है. जांच एजेंसी को शक है कि विदेशी फंडिंग से ही मौलाना साद ने दो हजार करोड़ की निजी संपत्ति जुटा ली है. मौलाना के कांधला स्तिथ फार्महाउस में क्राइम ब्रांच की रेड इसी निजी संपत्ति का ब्यौरा इक्कठा करने की कवायद का हिस्सा थी. मौलाना साद के सबसे करीबी रिश्तेदार का नाम मौलाना अब्दुल रहमान है जो कि जाकिर नगर में 6 स्टोरी बिल्डिंग, अबु बकर मस्जिद के पास, जाकिर नगर वेस्ट में रहता है. शुरुआत में क्राइम ब्रांच को शक था कि मौलाना अपने इसी रिश्तेदार के घर छिपा हुआ है.

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