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दिव्या भारती के मौ-त को लेकर हुआ ब-ड़ा खुला-सा, मौ-त के चंद घंटे पहले…

दिव्या भारती को कौन नहीं जानता. काफी कम समय में ही उन्होंने अपनी अदाओं से सबको अपना दीवाना बना लिया था. वो दिखने में भी बेहद सुन्दर थी. उनके बारे में कहा जाता था की कभी वो लेट श्री देवी जैसी दिखती थी तो कभी हेमा मालिनी जैसी. उनको जो भी किरदार दिया गया था उसे उन्होंने बखूबी निभाया था. लेकिन होनी को शायद कुछ और ही मंजूर था. उनका अभिनय बहुत कम देखने को मिल पाया, क्युकि उन्होंने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया. लेकिन आज भी उनके म-र-ने की असली वजह सामने नहीं आ पाई. लेकिन आज हम आपको बतायेंगे उनके मौ-त को लेकर एक खु-ला-सा हुआ है उसके बारे में.

खबरों की मानें तो मौ-त वाले दिन ही दिव्या भारती ने मुंबई में अपने लिए नया चार बीएचके का घर खरीदा था और डील फाइनल की थी। कहा जाता है कि दिव्या ने यह खुशखबरी अपने भाई कुणाल को भी दी थी। दिव्या उसी दिन शूटिंग खत्म कर के चेन्नई से लौटी थीं। उनके पैर में भी चोट थी। रात के करीब 10 बजे होंगे जब मुंबई के पश्चिम अंधेरी, वरसोवा में स्थित तुलसी अपार्टमेंट के पांचवें माले पर उनके घर में उनकी दोस्त और डिजाइनर नीता लुल्ला अपने पति के साथ उनसे मिलने आई हुई थीं। तीनों लिविंग रूम में बैठे बातों में मस्त थे और ड्रिंग्स चल रही थी.

दिव्या भारती के बालकनी से नीचे गिरने की गुत्थी आजतक सुलझ नहीं पाई है। लोगों के मन में आज भी यही आशंका है कि दिव्या की मौ-त ह-त्या थी या फिर आ-त्म-ह-त्या। जानिए दिव्या भारती के मौ-त से पहले उस रात को क्या हुआ था। कहा जाता है कि दिव्या भारती जब ‘शोला और शबनम’ की शूटिंग कर रही थीं तब गोविंदा ने उन्हें निर्देशक-निर्माता साजिद नाडियाडवाला से मिलवाया था। दोनों में प्यार हुआ और शादी करने का फैसला कर लिया।  साजिद से शादी करने के लिए दिव्या ने इ-स्ला-म ध-र्म कबूला। दोनों ने 10 मई 1992 को शादी कर ली थी। कुछ का तो यह तक कहना था कि दिव्या की आकस्मिक मौ-त के पीछे साजिद का हाथ था!

दिव्या की अचानक मौ-त के पीछ कई अटकलें लगाई गईं। कुछ लोगों ने इसे आ-त्मह-त्या तो किसी ने एक्सीडेंट को किसी ने पति की साजिश बताया पांच साल तक इंवेस्टीगेशन करने के बावजूद पुलि-स को कोई ठोस वजह नहीं पता चली। आखिर में पुलि-स ने रिपोर्ट में नशे में बालकनी से गिरने को ही कारण बताया। यह गुत्थी आजतक सुलझ नहीं पाई है कि दिव्या की मौ-त ह-त्या थी या आ-त्म-ह-त्या। अगर वे दुखी थीं तो अपने लिए घर क्यों खरीदा? जो भी हो, दिव्या सबके दिलों में आज भी बसती हैं।

अभिनय के अलावा प्रशंसक दिव्या भारती की सुंदरता के कायल थे। दिव्या ने साल 1992 में फिल्म ‘विश्वात्मा’ से बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में दिव्या को एक गाने ने रातोंरात फेमस बना दिया। यह गाना ‘सात समंदर पार मैं तेरे पीछे-पीछे आ गई’ था। इस गाने के हिट होते ही दिव्या को लगातार 10 फिल्में मिल गई थीं। खास बात यह है कि दिव्या बॉलीवुड में आने से पहले भी कुछ तेलुगू फिल्में कर चुकी थीं। साल 1993 में दिव्या की सिर्फ तीन ही हिंदी फिल्में रिलीज हो पाई थीं। यह फिल्में क्षत्रिय, रंग और शतरंज थीं। ऐसा इसलिए क्योंकि यह दिव्या की जिंदगी का अंतिम साल था

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