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Diwali 2020: इस वजह से दिवाली पर लक्ष्मी पूजन में चढ़ाया जाता है खील बताशे का प्रसाद, जाने इसके पीछे का म’हत्व

धार्मिक समाचार

कार्तिक मास की अमा’वस्या को दिवाली का त्योहार मना’या जाता है। आज पूरे देश में दीपा’वली का पर्व मनाया जा रहा है। दिवा’ली पर मां लक्ष्मी और गणेश भग’वान का पूजन विधि-विधा’न के साथ किया जाता है। माना जाता है कि जो भी इस दिन मां ल’क्ष्मी को प्रसन्न कर लेता है। उसके घर में वर्ष भर किसी भी प्रका’र से धन की कमी नहीं रहती है। सभी लो’ग अपनी-अपनी तरह से मां ल’क्ष्मी को प्रस’न्न करने के उपाय करते हैं, ले’किन दिवा’ली के पूजन में एक चीज मुख्य’तः हर घर में लाई जाती है। वो है धान का लावा और मीठे खि’लौने या फिर ब’ताशे। लक्ष्मी पू’जा में खील ब’ताशे हर घर में अव’श्य चढ़ाए जाते हैं या फिर यूं कह’ना सही होगा कि खील ब’ताशे चढ़ाने की परं’परा है। तो चलिए जानते हैं कि ल’क्ष्मी पूजा में खील ब’ताशे का क्या महत्व है। 

का’र्तिक मास की अमा’वस्या को दिवा’ली का त्योहार मना’या जाता है। आज पूरे देश में दीपा’वली का पर्व मनाया जा रहा है। दिवा’ली पर मां ल’क्ष्मी और गणेश भग’वान का पूजन विधि-विधान के साथ किया जाता है। माना जाता है कि जो भी इस दिन मां ल’क्ष्मी को प्र’सन्न कर लेता है। उसके घर में वर्ष भर किसी भी प्रकार से धन की कमी नहीं रहती है। सभी लोग अपनी-अपनी तरह से मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय करते हैं, लेकिन दि’वाली के पूजन में एक चीज मुख्यतः हर घर में लाई जाती है। वो है धान का लावा और मीठे खि’लौने या फिर बताशे। लक्ष्मी पू’जा में खील ब’ताशे हर घर में अव’श्य चढ़ाए जाते हैं या फिर यूं कहना सही होगा कि खील बताशे चढ़ाने की परं’परा है। तो चलिए जानते हैं कि लक्ष्मी पूजा में खील बताशे का क्या महत्व है।