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भारत सरकार द्वारा लिए गये इस फैसले से चीन हुआ भयभीत

चीन के वुहान से निकल कर चाइनीज वायरस ने अमेरिका ने ऐसा कहर मचाया है जिसकी अमेरिका क्या किसी ने भी कल्पना नहीं की होगी. अम्रीका में करीब डेढ़ लाख लोग कोरोना से संक्रमित हैं जबकि 38 हज़ार लोगों की मौ’त हो चुकी है. बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस से 1,891 लोगों की मौ’त हुई है. लेकिन भारत सरकार द्वारा लिए गये इस फैसले से चीन काफी डरा हुआ हैं. आइये आपको बताते हैं.

कोरोना वायरस की वजह से विदेशी कंपनियों के दूर जाने का डर चीन को सताने लगा है. कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपना कारोबार चीन से समेटकर भारत जैसे देशों में लगाने पर विचार कर रही हैं. इस बीच चीन ने आनन-फानन में भारत पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) नियम तोड़ने का आरोप लगाया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि कुछ खास देशों से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए भारत के नए नियम डब्ल्यूटीओ के गैर-भेदभाव वाले सिद्धांन्त का उल्लंघन करते हैं और मुक्त व्यापार की सामान्य प्रवृत्ति के खिलाफ हैं.

अधिकारी ने कहा कि ‘अतिरिक्त बाधाओं’ को लागू करने वाली नई नीति G20 समूह में निवेश के लिए एक स्वतंत्र, निष्पक्ष, गैर-भेदभावपूर्ण और पारदर्शी वातावरण के लिए बनी आम सहमति के खिलाफ भी है. केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह कोरोना वायरस महामारी के बाद घरेलू कंपनियों के ‘अवसरवादी अधिग्रहण’ पर अंकुश लगाने के लिए भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से विदेशी निवेश के लिए सरकारी मंजूरी को अनिवार्य कर दिया.

बताते चलें कि कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से ज्यादातर विदेशी कंपनियां चीन से कारोबार समेटने पर विचार कर रही है. इस अनुकूल समय को भांपते हुए भारत ने भी विदेशी कंपनियों के लिए रेड कारपेट बिछाने का काम शुरू कर दिया है. विदेशी कंपनियों को भारत में कारोबार शुरू करने के लिए कई स्कीम लागू किए गए हैं. विभिन्न राज्य भी विदेशी कंपनियों के लिए जमीन तलाश रही है ताकि कम समय में ये कंपनियां चीन से अपने उद्योग हटाकर भारत में कारोबार शुरू कर सकें.

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