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28 साल बाद सीधा खड़ा हो पाया ‘फोल्डिंग मैन’

दोस्तों , आप लोगों ने बहुत बार कई सारे अजीबोगरीब किस्सों के बारे में ज़रूर सुनते होंगे. दुनिया के अलग- अलग कोनों से ऐसे मामले सामने आते हैं जिसके बारे में शायद कोई सोच भी नहीं सकता हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही अजीब और चौकानें वाले मामले के बारे में बताने जा रहे हैं. दरअसल चीन के एक शख्स को 28 साल के बाद एक नया जीवन मिला हैं. आयिए जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में..

ये मामला चीन का हैं जंहा ली हुआ नाम के शख्स को ‘फोल्डिंग मैन’ कहा जाता था. पिछले 28 साल से वो सीधा नहीं खड़ा हो पाता था. लेकिन इतने साल के बाद उन्अहें एक नयी जिंदगी मिली हैं. दरअसल, साल 1991 में जब वो 18 साल के थे, उन्हें एंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस नामक एक बीमारी हो गई थी. इस बिमारी की वजह से उनकी कमर झुक गयी थी और उनका चेहरा जांघो से चिपक गया था.

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हुनान प्रांत के योंगझोउ शहर के एक 46 साल के व्यक्ति को एक गंभीर बिमारी हो गयी थी, और उसके पास अपना इलाज़ करवाने के पैसे भी नहीं थे. पिछले पांच सालों में ली हुआ की हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई थी और उनकी कमर पूरी तरह से झुक गई थी.

शेन्जेन यूनिवर्सिटी जनरल हॉस्पिटल डॉक्टर ताओ हुईरेन ने ली की चार बार सर्जरी की थी , जिसका नतीजा ये हुआ कि अब वो सीधे खड़े हो पा रहे हैं। हॉस्पिटल के डॉक्टरों के मुताबिक, अभी ली को पूरी तरह से ठीक होने में तीन महीने और लग जाएंगे।इसके बाद ली हुआ पूरी तरह से ठीक हो जाएंगे, और उन्हें किसी का सहारा नहीं लेना पड़ेगा.

जानकारी के लिए आपको बता दें, कि एंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस एक गंभीर प्रकार का गठिया रोग है और माना जाता है कि यह जीन में गड़बड़ी के कारण से होता है। इसकी वजह से रीढ़ की हड्डी मुड़ जाती है और गर्दन सख्त हो जाती हैं । सूजन की वजह से हड्डी खराब हो जाती है और शरीर बहुत ज्यादा कैल्शियम का उत्पादन करने लगता हैं , इस तरह रीढ़ की हड्डी के मुड़ने को ‘किफोसिस‘ कहा जाता हैं । अमेरिकी में इस बीमारी से करीब 16 लाख लोग प्रभावित हैं। 

डॉक्टर ताओ हुईरेनने बताया की , ली की सर्जरी करना बेहद ही मुश्किल काम था, क्योंकि इसमें खतरा ज्यादा था। लेकिन कई तरह की जांच के बाद आखिरकार ली का ऑपरेशन करने का फैसला किया गया। डॉक्टर ने बताया कि पहले ली की जांघों की हड्डियों को तोड़ा गया और फिर बाद में जोड़ा गया, क्योंकि उनकी रीढ़ की हड्डियों को सीधा करने के लिए उनके पास ये आखिरी रास्ता था.

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