Categories
News

किसानो का नया ऐलान : कृषि कानूनों को लेकर किसान संगठन 26 फरवरी को ग्लोबल लाइव वेबीनार करेंगे

कृषि कानूनों को लेकर किसान संगठन 26 फरवरी को ग्लोबल लाइव वेबीनार करेंगे. यह शुक्रवार सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगी. इसमें दुनियाभर के किसान नेता शामिल हो रहे हैं. वेबीनार में तीनों कृषि कानून का किसानों पर असर विषय पर चर्चा होगी. किसान एकता मोर्चा के ट्विटर हैंडल पर कार्यक्रम की पूरी जानकारी शेयर की गई है. वेबीनार के लिए कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, मेलबर्न और ब्रिटेन का भी समय शेयर किया गया है. वेबीनार में आम लोग भी सवाल-जवाब पूछ सकते हैं. रजिस्ट्रेशन के लिए एक लिंक भी जारी की गई है.

किसान कानूनों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत 8 मार्च को मध्यप्रदेश में रैली करेंगे. इस दौरान वे 3 जिलों श्योरपुर, रीवा और देवास जाएंगे और किसानों को संबोधित करेंगे. मध्यप्रदेश BKU के जनरल सेक्रेटरी अनिल यादव ने इसकी पुष्टि की है.अनूपपुर के SP मंगीलाल सोलंकी ने बताया कि किसान नेता राकेश टिकैत के खिलाफ एक मामले में वारंट जारी हुआ था जो अब तक पेंडिंग है. दरअसल, 2012 में अनूपपुर जिले के जैतारी इलाके में एक पावर प्लांट के खिलाफ हुए प्रदर्शन में टिकैत शामिल हुए थे. इस दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे. मामले में टिकैत समेत 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. कुछ दिनों बाद टिकैत को जमानत मिल गई थी. उन्हें 2016 में कोर्ट में हाजिर होना था, लेकिन वे नहीं आए. इसके बाद उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था, जो अब तक पेंडिंग है.

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली बॉर्डर पर 89 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं. आंदोलन में जान फूंकने के लिए किसानों ने इस हफ्ते के लिए नई रणनीति तैयार की है. इस दौरान किसान अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे. संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के मुताबिक, किसान पगड़ी संभाल दिवस, दमन विरोधी दिवस, युवा किसान दिवस और मजदूर किसान एकता दिवस मनाएंगे. ये कार्यक्रम 23 से 27 फरवरी तक आयोजित किए जाएंगे.कड़ाके की ठंड झेलने के बाद आंदोलनकारी किसान अब गर्मियों के मौसम को देखते हुए तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने टेंट्स में पंखे लगवाना शुरू कर दिए हैं. साथ ही टेंट की ऊंचाई बढ़ाकर उसके अंदर एक और टेंट लगा रहे हैं ताकि गर्मी से बच सकें. इसके साथ ही धरनास्थलों पर AC लगी ट्रॉलियां भी नजर आ रही हैं. किसान नेता राकेश टिकैत कह चुके हैं कि आंदोलन कम से कम अक्टूबर तक चलेगा.