Categories
Other

कहीं आप चीन से आया जहरीला लहसुन तो नहीं खा रहे हैं? इस तरह करें पहचान

कहीं आप चीन से आया लहसुन तो नहीं खा रहे? वैसे तो वाणिज्य मंत्रालय ने पांच साल पहले ही चीन से लहसुन ख़रीद पर रोक लगा दी थी लेकिन हाल ही में कोलकाता में चीनी लहसुन मिला। जानकारों ने बताया चीनी लहसुन का ऊपरी भाग सफ़ेद होता है और अंदर से गुलाबी या हल्का काला होता है। चीनी लहसुन का आकार बड़ा होता है।

चीनी लहसुन के बात करें तो इसे क्लोरीन से ब्लीच किया जाता है जिससे ये देखने में ऊपर से एकदम सफेद दिखे. इसमें कीड़ा मारने वाली औषधि उपयोग की जाती है. जानकारों ने ये भी बताया कि चीनी लहसुन स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है, इसमें कासीनजन होता है. अगर लम्बे समय तक चीनी लहसुन का उपयोग किया जाता है तो स्वास्थ्य रोग होने की संभावना है. 

जाधवपुर यूनिवर्सिटी फूड टेक्नोलॉजी एंड बायो केमिकल डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉक्टर प्रशांत कुमार विस्वास की मानें तो लहसुन एक औसधि के रूप में काम करता है. इसमें भरपूर एल्लीसिन होती है. ये ब्लड प्रेशर रोकने में काम आता है, लेकिन चीनी से आने वाले लहसुन लंबे समय तक स्टोर करने पर उसमें एल्लीसिन नहीं रहता है. इसमें फंगस जल्दी लगता है. कई बार ये भी देखा गया है कि इसको ताजा बनाए रखने के लिए भारी मात्रा में कासीनजन (carcinogenic) इस्तेमाल किया जाता है जो सेहत के लिए नुक़सानदायक होता है।

बात दें कोलकाता की कई मंडियों में चीनी लहसुन बेचे जाने की खबर आयी है. भारत देश लहसुन उत्पादन में नंबर 2 पर है। लगभग 400 बोरी चीनी लहसुन कस्टम डिपार्टमेंट ने पकड़ा है जो काले बाज़ार के ज़रिए बांग्लादेश और म्यांमार से बंगाल में लाया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.