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गहलोत सरकार का बड़ा निर्णय, इस बार बिना परीक्षा दिये प्रमोट नहीं होंगे स्टूडेंट्स

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को’रोना का’ल में प्रदेश की गह’लोत ने बड़ा निर्ण’य लिया है. इस बार पहली से 12 वीं तक सभी स्टूडें’ट्स को परी’क्षा देनी होगी. इसके अ’भाव में किसी भी स्टू’डेंट को अगली कक्षा में प्र’मोट नहीं किया जायेगा.

जयपुर. प्रदेश की अशोक गहलोत’सरकार ने इस बार पहली से लेकर 12वीं तक के सभी 1.5 क’रोड़ स्टू’डेंट्स को बिना परीक्षा प्र’मोट नहीं करने का नि’र्णय लिया है. इसके चलते पेरें’ट्स की जिम्मे’दारी बढ़ गई है. उन्हें अब बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्सा’हित करना होग. कोरोना के कारण फिल’हाल प्रदेश में स्कू’ल बंद हैं. सर’कार ने नंव’बर के आ’खिरी दिन तक स्कूल बंद रखने का फैस’ला किया है. स्कूल खो’लने को लेकर दिसं’बर के पहले सप्ता’ह में सरकार फिर स’मीक्षा करेगी और दे’खेगी कि को’रोना वाय’रस कम हुआ तो स्कू’ल खोले जा सकते हैं.

शिक्षा राज्य’मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने इस बात के संकेत दिए हैं. डोटा’सरा ने कहा है कि अगर कोविड-19 धीमा पड़ता है तो सर’कार स्कू’ल खोल सक’ती है. लेकि’न जिस तरह से सर्दी बढ़ने के साथ ही कोरो’ना के मामले बढ़ रहे हैं उसके चलते फिल’हाल स्कूल खुल’ने की संभा’वना नहीं दिख रही है. ऐसे में परे’शानी उन स्टूडें’ट्स को आने वाली है जिनके पास ऑन’लाइन प’ढ़ाई के लिए कोई साधन नहीं है. शिक्षा वि’भाग ने अभिभा’वकों से आग्रह किया है कि वह स्टूडें’ट्स की पढ़ा’ई उसी तरह से करा’एं जैसे पहले कराई जा रही थी.

10 और 12वीं की बोर्ड परीक्षा हर हाल में आयो’जित होगी
सर’कार ने यह साफ कर दिया है कि इस साल जी’रो सेश’न नहीं होगा. इस सिल’सिले में कक्षा 1 से 9 और 11वीं के विद्या’र्थियों को बिना परीक्षा क्रमो’न्नत नहीं किया जाएगा. कक्षा 10 और 12वीं की बोर्ड प’रीक्षा हर हाल में आयो’जित होगी. पहली से बार’हवीं तक सभी कक्षा’ओं की इस सत्र में परी’क्षा होगी. शिक्षा विभा’ग ने स्टूडें’ट्स के लिए ‘आओ घर में सीखे’ अभि’यान भी प्रारं’भ कर दिया है. सर’कार की ओर से स्टूडें’ट्स को वी’डियो भी भेजे जा रहे हैं और उसके आधार पर ही कार्य पुस्ति’काएं दी जा रही है. मंत्री गोविं’द सिंह डोटा’सरा कहना है कि सर’कार स्टूडें’ट्स को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए अभि’यान शुरू कर चुकी है ता’कि बच्चे घर पर ही बैठ कर पढ़ाई कर सकें. इस साल सर’कार का कक्षा 1 से 9 और 11वीं के छा’त्रों को बिना परी’क्षा प्रमो’ट करने का कोई इरादा नहीं है.

छोटे बच्चों की शिक्षा पर ज्यादा असर
8 महीने से स्कूल बंद होने के का’रण शुरु’आती कक्षा’ओं के बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं. उनके पास ऑन’लाइन शिक्ष’ण सा’मग्री नहीं पहुंच पा रही है. इससे 35000 सर’कारी और निजी स्कू’लों के 16 लाख बच्चों की शिक्षा प्रभा’वित हुई है. राज्य सर’कार ने भी अभी तक छोटे ब’च्चों की पढ़ाई के लिए कोई रास्ता नहीं निका’ला है. इसके कारण अब तक करीब 15 फी’सदी बच्चों का नामां’कन ही नहीं हो पाया है और नौनिहा’लों की शि’क्षा पर ब्रेक लग गया है.

मध्य प्रदेश के वि’दिशा में कोरोना महा’मारी के चलते राज्य सर’कार ने 6 माह बाद हाई’स्कूल और हायर सेकं’डरी स्कू’लों को खोलने की अनु’मति दे दी है लेकिन को’रोना के डर से ना तो बच्चे स्कू’ल जा रहे हैं और ना ही अभिभा’वक बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हैं। क’रीब 80 फी’सद अभिभा’वकों ने बच्चों को स्कू’ल भेजने के लिए अपनी सह’मति पत्र नहीं दिए हैं। अभिभा’वकों का कहना है कि को’रोना संक्र’मण को देखते हुए अभी आन’लाइन पढ़ाई ही कराई जाना चाहिए।  

आंध्र प्रदेश के मुख्य’मंत्री वाई’एस जगन रेड्डी ने कहा कि राज्य के स्कूल 2 नवं’बर से खोल दिये जाएंगे। मेघा’लय में स्‍कूल खो’लने को लेकर गाइड’लाइंस जारी की हैं। कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को के’वल कंसल्टे’शन के लिए स्कू’ल आने की अनु’मति है। कक्षा 9-10 के छात्र भी कंसल्टे’शन के लिए स्कूल आएंगे। छत्ती’सगढ़ सरकार फिल’हाल स्कूल बंद रखने का फै’सला लिया है। हरि’याणा सरकार कक्षा 6 से 9 तक के बच्चों के लिए स्कू’ल खोल सकती है। 
इसी प्र’कार पं’जाब सर’कार ने भी कल से 9 वीं और 12वीं के विद्या’र्थियों के स्कूल आने पर नि’र्देश जारी किए हैंले’किन अभी रा’ज्य में अधि’कतर अभि’भावक बच्चों को स्कूल नहीं भे’जना चाहते।