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सरकारी कर्मचारियों को झटका, DA के बाद अब GPF की दरों में हुई इतनी कटौती

लॉकडाउन के बीच सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक और झटके वाली खबर दी है. हाल ही में महंगाई भत्ते (DA) को अगले साल तक टालने के बाद केंद्र सरकार ने अब जनरल प्रॉविडेंट फंड (GPF) के ब्याज दरों में कटौती का फैसला लिया है. इस बाबत नई ब्याज दरों को अधिसूचित किया जा चुका है. 

जीबिजडॉट कॉम के अनुसार के अनुसार 1 अप्रैल 2020 से 30 जून 2020 तक GPF और दूसरे फंड पर 7.1% ब्याज मिलेगा. पिछली तिमाही तक इस पर 7.9 फीसदी ब्याज मिलता था. GPF की ब्याज दर तिमाही आधार पर तय होती है. GPF सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए है. यह एक तरह की रिटायरमेंट प्लानिंग है. क्योंकि इसकी रकम कर्मचारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद मिलती है. सरकारी कर्मचारी अपनी सैलरी का 15 फीसदी तक GPF खाते में योगदान कर सकते हैं. 

कितने प्रकार के GPF खाते हैं?

-GPF (सेंट्रल सर्विसेज)-General Provident Fund (Central Services) -कंट्रीब्यूटरी PF (इंडिया) -ऑल इंडिया सर्विसेज PF-All India Services Provident Fund-स्टेट रेलवे PF-State Railway Provident Fund-जनरल PF (डिफेंस सर्विसेज)-General Provident Fund (Defence Services)-इंडियन ऑर्डनेंस डिपार्टमेंट PF-Indian Ordnance Department Provident Fund -इंडियन ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज वर्कमैन PF-Indian Ordnance Factories Workmen’s Provident Fund -इंडियन नेवल डॉकयार्ड वर्कमैन PF-Indian Naval Dockyard Workmen’s Provident Fund-डिफेंस सर्विसेज ऑफिसर्स PF-Defence Services Officers Provident Fund-आर्म्ड फोर्सेस पर्सनल PF-Armed Forces Personnel Provident Fund


टैक्स  एक्सपर्ट अनिल के. श्रीवास्तव के मुताबिक, सरकारी कर्मचारी को रिटायरमेंट के समय GPF खाते में जमा रकम का निश्चित हिस्सा मिल जाता है. उनके पास कुछ राशि पेंशन में देने का भी विकल्प होता है. जो उन्हें हर महीने पेंशन के रूप में मिलती है. 

PF खाते में कर्मचारी जो योगदान करते हैं, उसमें इनकम टैक्स की धारा 80(C) के तहत टैक्स फ्री हैं. यह नियम सभी तरह के PF खाते पर लागू होता है.

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