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सिंधिया ने 10 मार्च कांग्रेस की बिगाड़ी थी होली, अब 10 नवम्बर को………

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मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में वोटों की गिनती के दौरान सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी 20 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस सात सीटों और बीएसपी एक सीट पर आगे है। भाजपा को सरकार बचाने के लिए 9 सीटों की आवश्यकता थी, लेकिन 10 से ज्यादा सीट जीत ली है बस आधिकारिक ऐलान बाकी है।

मध्यप्रदेश में भाजपा को जिताने और कांग्रेस को हराने के लिए के लिए भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जी-तोड मेहनत की थी, और उनको सफलता मिली। सिंधिया ने इसी साल 10 मार्च को होली से ठीक पहले कांग्रेस की सरकार गिराकर उनकी होली खराब कर दी थी. इस बार सिंधिया ने 10 नवंबर को कांग्रेस की दिवाली खराब कर दी।

करारी हार के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईवीएम में छेड़छाड़ नहीं होती है और सलेक्टिव छेड़छाड़ की जाती है। ऐसी सीटें हैं जो हम किसी भी परिस्थिति में नहीं हारे होंगे लेकिन हजारों वोटों से हार गए। हम कल यानी बुधवार को एक बैठक करेंगे और परिणामों का विश्लेषण करेंगे।

दिग्विजय सिंह ने मंगलवार सुबह कहा था कि यह चुनाव जनता वर्सेज प्रशासन हो रहा है। अभी तक के परिणाम पोस्टल बैलट वाले हैं। ईवीएम खुलने के बाद असली हकीकत सबके सामने आएगी। उपचुनाव के शुरुआती रुझान पोस्टल बैलट के हैं, जिसमें सरकारी कर्मचारी, अधिकारी और 80 साल के उम्र के ज्यादा लोगों के वोट हैं। इसमें कांग्रेस के लोगों को वोटरलिस्ट ही नहीं मिल पाई थी कि कौन-कौन वोट डालने जा रहा है।