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कबूतरों से फैल रही हैं ये खतरनाक बिमारी, सामने आये कई मामले

क्या आप लोग जानते हैं की हमारे पुराणों में भी इस बात का ज़िक्र किया गया हैं, की अगर हम पक्षियों को दाना डालते हैं तो उससे शान्ति बनी रहती हैं और हमारे सारे दुःख दर्द कम हो जाते हैं .कबूतर को एक तरह से शान्ति का प्रतीक माना जाता हैं और शहरों में भी अपने किसी किसी जगह चौराहे वगरह पर लोगों को कबूतर को दाना डालते हुए देखा होगा . लेकिन आज हम आपको एक अहम् बात बताना चाहते हैं की इस वजह से खतरनाक और गंभीर बीमारियाँ भी फैल रही हैं . दिल्ली – एनसीआर में काफी लोग इसका शिकार हो चुके हैं .आयिए आपको इस बिमारी के बारे में बताते ताकि लोग पहले से ही सावधानी बरत सकें.

आपको बता दें , कि कबूतरों पर हुए शोध में काफी बड़े खतरे सामने आए हैं. डॉक्टरों तक का तो ये भी कहना हैं की कबूतर की बीट तक से लोगों को इन्फेक्शन हो सकता हैं , जो की आपके फेफड़ो को अच्छा- ख़ासा नुक्सान पहुँचा सकते हैं . एक ख़ास बात बता दे की अगर किसी ने अपने घर के पास कोई घोंसला वगरह बनाया हैं तो उनके लिए खतरा और भी बढ़ जाता हैं .

दरअसल एक शोध के अनुसार , जब किसी जगह पर कबूतर बीट करते हैं तो वंहा से बहुत गंदी दुर्गन्ध आती हैं और अलग बात ये हैं की कबूतर को उसी जगह पर बैठना पसंद आता हैं . जब ये बीट सूख जाती हैं तो एक पाउडर बन जाती हैं और हवा में घुल जाता हैं जो बहुत ही ज्यादा हानिकारक हैं . हवा के बहाव में ये पाउडर साँसों के ज़रिये अंदर जाती हैं और फेफड़ो को नुक्सान पहुचंता हैं .

प्रोफेसर वी वासुदेव राव की रिसर्च के मुताबिक, एक कबूतर एक साल में 11.5 किलो बीट करता है. बीट सूखने के बाद उसमें परजीवी पनपने लगते हैं. बीट में पैदा होने वाले परजीवी हवा में घुलकर संक्रमण फैलाते हैं. इस संक्रमण की वजह से कई तरह की बीमारियां होती हैं. कबूतर और उनकी बीट के आसपास रहने पर इंसानों में सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों में इन्फ़ेक्शन, शरीर में एलर्जी हो सकती है.

सर गंगाराम हॉस्पिटल की डॉक्टर रश्मि सामा ने बताया कि कबूतर से होने वाली काफी सारी बीमारी फेफड़ों से जुड़ी हो सकती हैं, जिसको हम हाइपर सेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस कहते हैं. जिसमें लंग्स का एलर्जिक रिएक्शन होता है. कबूतर की ड्रॉपिंग से फंगल डिज़ीज़ भी हो सकती हैं, जिसको दवाइयों के ज़रिए ट्रीट किया जा सकता है. कबूतर और उनकी बीट के आसपास रहने पर इंसानों में सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों में इन्फ़ेक्शन, शरीर में एलर्जी जैसे लक्षण नज़र आते हैं .

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