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झारखंड में अवैध रूप से चल रही खदान में बड़ा हाद’सा! इतने से ज्यादा मजदूर गवा बैठे अपनी ज़िंदगी….😥

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मेघा’लय के पूर्वी जयंति’या हिल्स ज़िले में एक अ’वैध कोयला खदान में एक यांत्रिक ढांचा ढहने से छह खनिकों की मौ’त हो गई. वहीं, झारखंड के कोडरमा ज़िले में अ’वैध रूप से संचा’लित अभ्रक खदान के धंस जाने से छह मजदूर दब गए थे, जिसमें से चार की मौ’त हो गई.

मेघालय के पूर्वी जयं’तिया हिल्स ज़िले में एक अ’वैध कोयला खदान में एक यांत्रिक ढांचा ढहने से छह खनिकों की मौ’त हो गई. वहीं, झारखंड के कोडरमा ज़िले में अवैध रूप से संचा’लित अभ्रक खदान के धंस जाने से छह मजदूर दब गए थे, जिसमें से चार की मौ’त हो गई.

शिलॉन्ग: मेघालय के पूर्वी जयं’तिया हिल्स जिले में एक अवै’ध कोयला खदान में एक यांत्रिक ढांचा ढहने से छह खनिकों की मौ’त हो गई. एक व’रिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

उपायुक्त ई. खरमाल्की ने बताया कि यह घटना बृहस्पतिवार को दिनेशलालु, सरकरी और रेयम्बई गांवों के एक त्रिकोणीय जंक्शन पर हुई.

उन्होंने कहा, ‘इस हादसे में छह लोगों की मौ’त हुई है. श्रमि’क जब खदान में गड्ढा खोद रहे थे तो अचानक यांत्रिक ढांचा ढह गया जिसके बाद वे एक गड्ढे में गिर गए और उनकी मौ’त हो गई.’

अधिकारी ने बताया कि हा’दसे में मारे गए छह लोगों में से पांच की पहचान हो गई है. उन्होंने बताया कि ज्यादातर पड़ोसी प्रदेश असम के रहने वाले थे.

उपायुक्त ने बताया कि अभी यह स्प’ष्ट नहीं हो सका है कि श्रमिक कोयला खनन या फिर प’त्थर खनन गतिवि’धियों में लगे थे. पुलिस ने नियोक्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच जारी है.

पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘खलि’रिअट पुलिस थाने में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है. खदान के मालिक और मैनेजर का पता लगाने के लिए जांच जारी है, क्योंकि हादसा होने के बाद से वे फरार हैं.’

गौरतलब है कि दिसंबर 2018 में राज्य के पूर्वी जयं’तिया हिल्स जिले के कसन क्षेत्र में इसी तरह की एक खनन दुर्घटना में 15 लोगों की मौ’त हो गई थी.

इस दुर्घ’टना से पता चला कि मेघा’लय में एनजीटी द्वारा साल 2014 में प्रति’बंध लगाए जाने के बाद भी रैट होल खदानों में खनन जारी है. रैट होल खदान चूहों के बिल जैसी होती है, जिसमें संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं, जिसके भीतर मजदूर जाते हैं और कोयला निकाल कर लाते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने मेघा’लय में निजी और सामुदा’यिक स्वा’मित्व वाली जमीन में इस शर्त के साथ ख’नन की मंजूरी दे दी थी कि इसके लिए सभी आवश्यक अनुमतियां और मंजू’री प्रा’प्त की गई हों. पिछले साल अक्टू’बर में जब अवैध खनन के आरोप उठने लगे तब राज्य के मुख्य’मंत्री कोनराड संगमा ने दावा किया था कि यह राजनीति से प्रेरित आ’रोप हैं.

झारखंड अभ्रक खदान धंसने से छह मज़’दूरों की मौ’त 

कोडरमा: मेघालय के अलावा झार’खंड के कोडरमा जिले में डुमरिया’टांड़ फुलवरिया के समीप स्थित घने जंगलों के बीच अवै’ध रूप से संचा’लित अभ्रक खदान के बृहस्पति’वार रात धंस जाने से छह मज’दूर दब गए. इनमें चार मजदूरों की मौ’त हो गई जबकि दो मजदूर घाय’ल अव’स्था में मलबे में से निकाल लिए गए.

शुक्रवार शाम को पुलिस की एक टीम ने धंसी खदान के मलबे से चार मजदूरों के शव बरामद किए.

कोडरमा के उपायुक्त रमेश घोलप ने बताया कि कल देर शाम हुई इस दुर्घ’टना में कुल छह लोग ख’दान धंसने से मलबे में फंस गए थे. इनमें से दो को ग्रा’मीणों ने रात्रि में ही घायल हालत में बाहर निकाल लिया था, जिससे उनकी जान बच गई लेकिन शेष चार मलबे में फंसे रह गए और आज (शुक्रवार) घने जंगल में स्थित खदान में पोक’लेन मशीन से खुदाई कर एक महिला समेत चार मजदूरों के श’व बाहर निकाले गए.

उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने पु’ष्टि की कि खदान में कुल छह लोग ही फंसे थे और अब इसमें और किसी के फंसे होने की संभा’वना नहीं है.

इस बीच कोड’रमा के पुलिस अधी’क्षक एहतेशाम वकारिब ने बताया, ‘पहले प्राप्त रिपोर्ट में अवैध खदान में कम से कम आठ लोगों के दबने की आशंका जताई गई थी, लेकिन बाद में स्थानीय लोगों ने पुष्टि की कि आधा दर्जन लोग ही इस दुर्घटना में मलबे में दबे थे. इन आधा दर्ज’न लोगों में से दो को कल (बृहस्पतिवार) शाम ही ग्रामी’णों ने मलबे से बाहर निकाल लिया था जबकि चार के शव आज (शुक्रवार) मलबे से बाहर निकाले गए.’

उन्होंने बताया कि चार मज’दूरों के शव निकाले जाने के बाद राहत एवं बचाव कार्य बंद कर दिया गया है, क्योंकि वहां और किसी के फंसे होने की अब आशं’का नहीं है.

इस दुर्घ’टना में मृतकों की पहचान फुलव’रिया निवासी 35 वर्षीया कौश’ल्या देवी, बरसोतियाबर निवासी 50 वर्षीय लखन दास, 60 वर्षीय चन्दर दास और पूरना’नगर निवासी 50 वर्षीय महेंद्र दास के रूप में की गई है. वहीं, डुमरिया’टांड़ निवासी 25 वर्षीय राजेश घट’वार और 30 वर्षीय संजय घटवार घायल हो गए.

पुलिस अधी’क्षक ने बताया कि वन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आरो’पियों के खिलाफ कोडरमा थाने में प्राथमि’की दर्ज कर ली गई है और उनकी गिरफ्ता’री के लिए छापेमारी की जा रही है.