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17 मई के बाद भी बढ़ेगा लॉकडाउन ? मोदी सरकार के 3 बड़े संस्थानों ने दिए संकेत

देश में कोरोना वायरस के मामले बहुत तेज़ी से बढ़ रहे हैं। जिसे देखते हुए सरकार ने देश में 17 मई लॉक डाउन की घोषणा की गयी है। देश में कोरोनावायरस के खतरे के कारण तीसरी बार लॉकडाउन लगाया गया है. हालांकि लॉकडाउन के तीसरे चरण में सरकार ने कुछ रियायतें भी दी हैं. वैसे जिस तरह कोरोना के मरीज़ बढ़ रहे हैं उसे देखकर तो ये ही लग रहा है देश में 17 मई के बाद भी लॉकडाउन जारी रहेगा. बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार अभी लॉकडाउन खत्म नहीं करेगी.

देश की अभी की स्थिति को देखते हुए मोदी सरकार की तीन संस्थानों ने सरकार को लॉकडाउन खत्म नहीं करने की सलाह दी है या इशारा किया है. अब देखना होगा कि सरकार देश में लॉकडाउन को बढ़ाएगी या नहीं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ-साथ दो सरकारी संस्थाओं एम्स और आईसीएमआर ने संकेत दिए हैं कि अगर लॉकडाउन खत्म किया गया तो, स्थिति भयावह हो सकती है. संस्थाओं का कहना है कि अभी लॉकडाउन में छूट देना आत्महत्या के समान होगा. वहीं एम्स के निदेशक तो ये तक कह चुके हैं कि अभी भारत में कोरोना मामले का सर्वोच्च आना बाकी है. उन्होंने जून-जुलाई में सबसे अधिक आफत आने की बात कही है.

एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया कह चुके हैं कि कोरोनावायरस का पीक ऑवर जून और जुलाई में होगा. उस समय भारत में कोरोना के सर्वाधिक मामले बढ़ेंगे. ऐसे में लॉकडाउन को खत्म नहीं किया जाना चाहिए. वहीं इंडियन मेडिकल रिसर्च काउंसिल भी लॉकडाउन में राहत देने के खिलाफ है.

वहीं आईसीएमआर के एक अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शराब में छूट देना एक गलत फैसला है. इससे सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ रही हैं. बता दें कि दिल्ली में लॉकडाउन में राहत देने का विरोध स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी कर चुके हैं. हर्षवर्धन ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि ये फैसला गलत है और इससे कोरोनावायरस मरीजों की संख्या बढ़ेगी.

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