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दिवा’ली प’र इ’न च’मत्कारी उपा’यों को कर’ने से ज’ल्द प्रस’न्न हो जा’एंगी मां ल’क्ष्मी, करें’गी ध’न व’र्षा….

धार्मिक खबर

दिवा’ली का’र्तिक मा’स की अ’मावस्या ति’थि प’र मना’ई जा’ती है। दि’वाली के दि’न दे’वी ल’क्ष्मी का आ’गमन पृ’थ्वी प’र हो’ता है औ’र घ’र-घ’र जा’कर अप’ने भ’क्तों की भ’क्ति औ’र से’वा से प्र’सन्न होक’र उ”नकी मनो’कामनाओं को ज’रूर पू’री कर’ती हैं। सदि’यों से दीपा’वली के प’र्व प’र ध’न औ’र वै’भव प्र’दान क’रने वा’ली दे’वी ल’क्ष्मी को प्र’सन्न क’रने के लि’ए कु’छ उ’पाय कि’ए जा’ते हैं। मा’न्यता है दि’वाली प’र इ’न उपा’यों को क’रने से दे’वी ल’क्ष्मी ज’ल्द प्र’सन्न हो जा’ती हैं। आइ’ए जा’नते हैं दिवा’ली के दि’न कि’ए जा’ने वा’ले कु’छ उपा’यो के बा’रे में…

1. अग’र आ’प नौ’करी क’रते हैं या को’ई बिज’नेस औ’र आ’य में वृ’द्धि चाह’ते हैं तो इ’स दिवा’ली उ’ड़द की दा’ल औ’र सिं’दूर पीप’ल के नी’चे र’ख क’र व’हां ए’क दीप’क ज’लाएं।
2. ध’न ला’भ औ’र वैभ’व के लि’ए दि’वाली की शा’म को कि’सी बर’गद के पे’ड़ की ज’टा में ए’क गां’ठ ल’गाएं। 
3. हत्था’जोड़ी में सिं’दूर लगा’कर ति’जोरी में र’खें। इस’से आप’की आ’य ब’ढ़ेगी औ’र आप’के अ’नावश्यक ख’र्चों में क’मी आए’गी।

4. ग’न्ने की ज’ड़ को ला’ल व’स्त्र में ल’पेटकर सिं’दूर औ’र ला’ल चंद’न लगा’कर ति’जोरी या ध’न र’खने के स्था’न में र’ख दें।
5. ल’क्ष्मी पू’जन के सम’य गोम’ती च’क्र को पू’जा की था’ली में र’खकर मां की पू’जा क’रें। 
6. दि’वाली की रा’त उ’ल्लू की तस्वी’र को ति’जोरी प’र लगा’एं।

7. दिवा’ली पू’जन के स’मय मा’ता ल’क्ष्मी औ’र भग’वान गणे’श की पू’जा क’रते स’मय एका’क्षी नारि’यल को ज’रूर शा’मिल क’रें।
8. ल’क्ष्मी पूज’न में पी’ले रं’ग की कौ’ड़ियों का प्रयो’ग क’रें।
9. दि’वाली में कि’सी भी मं’दिर में झा’डू का दा’न क’रें।

10. दिवा’ली की म’ध्य रा’त्रि में कि’सी चौ’राहे प’र दीप’क जला’कर र’ख आ’एं। 
11. ल’क्ष्मी मा’ता के पू’जन में नौ ब’त्ती वा’ला दी’पक जला’एं।
12. का’ली ह’ल्दी को ला’ल कप’ड़े में बां’धकर दे’वी ल’क्ष्मी को अ’र्पित क’रें औ’र फि’र उस’को ति’जोरी में र’ख दें।

13. दिवा’ली की रा’त पीप’ल के प’त्ते प’र दी’प ज’लाकर ज’ल में प्रवा’हित क’रें।
14. तु’लसी के पौ’धे प’र ला’ल या पी’ले रं’ग का को’ई व’स्त्र च’ढ़ाएं औ’र पौ’धे की ज’ड़ में ए’क घी का दी’प ज’लाकर र’खें। 
15. ध’न की हा’नि रो’कने के लि’ए ल’क्ष्मी पू’जन के बा’द का’ले ति’ल हा’थ में लेक’र घ’र के स’भी स’दस्य के सि’र से सा’त बा’र घुमा’कर फें’क दें। 

16. का’र्यो ए’वं ध’न में आ’ने वा’ली बा’धा को दू’र क’रने के लि’ए पू’जन के स’मय अपा’मार्ग की ज’ड़ दे’वी ल’क्ष्मी के पा’स र’खें औ’र पूज’न के बा’द उ’से अप’नी दा’यीं बा’जू में बां’ध लें। 
17. स्फ’टिक का श्रीयं’त्र ला’ल कप’ड़े में लपेट’कर अप’नी ति’जोरी में र’ख दें।
.18. दिवा’ली प’र चां’दी की कटो’री में कपू’र जला’कर मा’ता ल’क्ष्मी की आ’रती क’रनी चा’हिए।
19. दिवा’ली में घं’टी ब’जाने से घ’र में नका’रात्मक श’क्तियां न’हीं ठ’हरती।
20. आ’य में आ र’ही बा’धा को रो’कने के लि’ए पीप’ल के प’त्ते प’र कु’मकुम लगा’कर उ’स प’र ल’ड्डू र’खें औ’र फि’र हनु’मान जी को भो’ग लगा’एं।