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कलाई पर स्थि’त इस रेखा से जुड़ा होता है हमारी सेहत और समृ’द्धि का राज! जानिए कैसे होता है…..

धार्मिक समाचार

हस्त’रेखा शा’स्त्र में हाथों की रेखा’ओं का अध्य’यन बहुत ही गह’नता के साथ किया जाता है। हस्तरे’खा विशे’षज्ञों के अनुसार हमारे हाथों की रेखा’ओं का आक’लन करके हमारे वर्त’मान और भवि’ष्य के बारे में बहुत बताया जा सकता है। हमारे हाथ की क’लाई पर कंगन या ब्रेस’लेट की तरह जो रेखा बनी होती है, उसे मणि’बंध रेखा कहते हैं। जान’कारों के अनु’सार ये रेखा आप’की सेहत और समृ’द्धि से जुड़ी होती है। आम’तौर पर लोगों के हाथ में तीन मणि’बंध रेखाएं होती है, लेकिन कुछ लोगों के हाथ में चार मणि’बंध रेखा’एं भी होती हैं। इन लोगों को बहुत खुशन’सीब माना जाता है। पुरू’षों के बाएं हाथ तो महि’ला के दाएं हाथ की मणि’बंध रेखा देखी जाती है। तो चलिए जानते हैं कि आपके हाथ की मणि’बंध रेखा आपके स्वा’स्थ्य और समृ’द्धि के बारे में क्या कहती है।

कलाई पर स्थित पहली रेखा
ह’स्त रेखा शा’स्त्र कहता है कि मणि’बंध पर जो पहली रेखा बनी होती है वह यदि कहीं से कटी-फटी नहीं है, एक दम साफ और स्प’ष्ट है तो उसका स्वा’स्थ्य सही रहता है। वहीं कटी-फटी और टूटी हुई मणि’बंध रेखा के कारण व्यक्ति को स्वा’स्थ्य संबं’धित सम’स्याएं बनी रहती हैं। 

कलाई पर स्थित दूसरी रेखा
कलाई पर स्थि’त दूसरी मणि’बंध रेखा को देखकर व्य’क्ति की उम्र के साथ उसके सुख-समृ’द्धि के बारे में जाना जाता है। यह रेखा भी जितनी स्प’ष्ट और साफ होगी व्य’क्ति का जीवन उतना समृ’द्धि और सुखी होगा। ये रेखा कटी फटी होने पर व्य’क्ति के जीवन में आने वाले उतार-च’ढ़ाव को द’र्शाती है।

कलाई पर बनी हुई तीसरी मणि’बंध रेखा व्य’क्ति की सामा’जिक प्रति’ष्ठा एवं मान-सम्मान को दर्शा’ती है। जिन लोगों के हाथ में तीसरी मणि’बंध रेखा बनी होती है और स्प’ष्ट होती है तो वह व्य’क्ति अपने जीवन में बहुत आदर स’म्मान और यश को प्रा’प्त करता है। 

वैसे तो बहुत कम लोगों के हाथ में चौ’थी मणि’बंध रेखा होती है, लेकिन जिन लोगों के हाथों में चौथी मणि’बंध रेखा बनी होती है। माना जाता है कि वह अत्य’धिक दीर्घा’यु होता है।