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मकर संक्रांति को भूलकर भी न करें ये काम, वरना होगा भारी नुकसान

मकर संक्रांति का पर्व सूर्य देवता को समर्पित होता है और जब सूर्य गोचर करते हुए धनु राशि से मकर में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है. मकर संक्रांति का पर्व हिंदुओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. क्योंकि इस दिन से सभी शुभ कार्यों पर लगी रोक खत्म हो जाती है. वहीं इस दिन दान-स्नान कर पूण्य की प्राप्ति होती है. यूं तो मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाता है, लेकिन इस बार 2019 में यह पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा. पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की मकर संक्रांति में कुछ कामों को करना बहुत शुभ माना गया है, वहीं कुछ कार्यों को वर्जित किया गया है. आइए जानते हैं इस दिन किन कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए.

मकर संक्रांति के दिन अपनी वाणी पर संयम रखें और गुस्सा ना करें, किसी को बुरे बोल ना बोलें सबके साथ मधुरता का व्यवहार करें. मकर संक्रांति के दिन बिना स्नान किए भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए. मान्यता है कि इस दिन गंगा या किसी नदी में जाकर स्नान करना चाहिए. इसलिए गंगा या पवित्र नदी ना सही लेकिन कम से कम घर पर स्नान जरूर करना चाहिए. मकर संक्रांति के दिन पुण्यकाल में महिलाओं को बाल नहीं धुलना चाहिए. ना ही दांत मांजने चाहिए. इस दिन घर के अंदर या बाहर किसी पेड़ की कटाई-छंटाई भी नहीं करनी चाहिए. मकर संक्रांति के दिन अगर कोई भी आपके घर पर भिखारी, साधु या बुजुर्ग आए तो उसे खाली हाथ ना लौटा दें. जो अपनी सामर्थ्य के अनुसार कुछ ना कुछ दान अवश्य करें.

मकर संक्रांति के दिन भूलकर भी लहसुन, प्याज और मांस का सेवन नहीं करना चाहिए. मकर संक्रांति के दिन आप किसी भी तरह का नशा नहीं करें. शराब, सिगरेट, गुटका आदि जैसे सेवन से आपको बचना चाहिए. इस दिन मसालेदार भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए. इस दिन तिल, मूंग दाल की खिचड़ी इत्यादि का सेवन करना चाहिए और इन सब चीजों का यथाशक्ति दान करना चाहिए. अगर सूर्य देव की कृपा पाना चाहते हैं तो संध्या काल में अन्न का सेवन न करें. यह प्रकृति का त्योहार है और हरियाली का उत्सव. अत: इस दिन फसल काटने के काम को टाल देना चाहिए.

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