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चीन को सबक सिखाने के लिए भारत ने तैयार किया प्लान ‘B’

देश में जानलेवा कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है. इस वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में हर दिन इजाफा हो रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब इस महामारी से संक्रमित मरीजों की संख्या 33 हजार से ज्यादा हो गई है. मंत्रालय के मुताबिक, अबतक 33 हजार 50 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. वहीं, 1074 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि 8325 लोग ठीक भी हुए हैं. आपको बता दें इस वायरस की शुरुवात चीन से हुई थी. जिसके वजह से सारे देश चीन से नाराज़ हैं और उसे सबक सिखाने का ठान लिए हैं. भारत ने तैयार किया हैं प्लान B.

Computer image of a coronavirus

कोरोना वायरस ने दुनिया की कई अर्थव्‍यवस्‍थाओं को तगड़े झटके दिए हैं। कुछ के इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर को चोट पहुंची है तो कहीं प्रोडक्‍शन रुकने की वजह से कंपनियां मूव आउट कर रही हैं। सप्‍लाई चैन भी ध्‍वस्‍त हुई है। ऑप्टिक्‍स और बिजनेस, दोनों लिहाज से चीन को तगड़ा झटका लगा है। इसी दौरान, भारत उसे हैरान करने को तैयार है। यह एक मौका है कि उन कंपनियों को अपने देश बुलाया जाए जो कोरोना जैसी महामारी फैलने के बाद चीन में नहीं रहना चाहती। उन्‍हें अपना प्रोडक्‍शन बेस बदलना है और भारत के लिए इससे अच्‍छी बात क्‍या हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इशारा भी कर दिया है कि वे इस दिशा में इनवेस्‍टमेंट्स करने को तैयार हैं।

मोदी अपने मंत्रियों से बात कर चुके हैं। कैबिनेट का प्रस्‍ताव भी लगभग तैयार है। पीएम कह भी चुके हैं कि भारत को सेल्‍फ-डिपेंडेंट बनाने की जरूरत है। पीएम मोदी के दिमाग में जो प्‍लान है, वो पिछले कई महीनों से इस्‍तेमाल हो रहा है। ये है ‘प्‍लग एंड प्‍ले’ मॉडल। इसके जरिए इनवेस्‍टर्स अच्‍छी जगहों को आइडेंटिफाई करते हैं और फिर तेजी से अपना प्‍लांट वहां लगा देते हैं। अभी जो सिस्‍टम है वो करीब दर्जनभर राज्‍यों में इनवेस्‍टर्स को अपना सेटअप लगाने का मौका देता है। क्लियरेंस के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्‍य सरकारें भी सिंगल-विंडो प्‍लैटफॉर्म तैयार करने में जुटी हैं। इसमें इलेक्‍ट्रॉनिक और मॉनिटरिंग सिस्‍टम भी होगा।

पीएम मोदी की नजर उन कंपनियों पर है जो चीन से बाहर निकलना चाहती हैं। कोरोना वायरस फैलने के बाद, इसकी संभावना बढ़ गई है कि कई देश अपने यहां की कंपनियों से कहेंगे कि वे चीन से बाहर मैनुफैक्‍चरिंग की व्‍यवस्‍था करें। भारत पिछले कुछ महीनों से ‘चाइना प्‍लस वन’ स्‍ट्रैटजी पर काम करता आ रहा है, अब उस कवायद ने जोड़ पकड़ लिया है। हाल में अमेरिका ने भी इस पूरी कवायद में तेजी दिखाई है।

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