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अंतरिक्ष में मिला इतना कीमती खजाना, जिससे दुनिया का हर आदमी बन सकता हैं अमीर

अमीर हर इंसान बनना चाहता हैं. लेकिन कभी किसी ने ये नहीं सोचा होगा की अंतरिक्ष में भी कुछ ऐसा हो सकता है जिसे अगर बांटा गया तो दुनिया का हर आदमी अमीर बन सकता हैं. हैं ना आश्चर्य वाली बात. लेकिन ऐसा हुआ हैं, हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में ऐसा ही खजाना ढूंढ निकाला हैं. आइये आपको बताते हैं पूरी बात विस्तार से.

आपको बता दें नासा ने अंतरिक्ष में बड़ी मात्रा में लोहे का आसमानी भंडार खोज निकाला है. असल में यह एक क्षुद्रग्रह (छोटा तारा) है, जिसे 16 साइकी (16 Psyche) नाम दिया गया है. करीब 120 मील चौड़ा यह क्षुद्रग्रह पूरी तरह से लोहे से ही बना हुआ है. इतना ही नहीं, इसमें सोना, प्लैटिनम और निकेल का भी भंडार है.

नासा के अनुमान के मुताबिक, इस क्षुद्रग्रह पर मौजूद धातुओं की कीमत करीब 8000 क्वॉड्रिलियन पाउंड है। क्वॉड्रिलियन को इस तरह भी समझ सकते हैं कि 8000 के बाद आपको आगे 15 शून्य (जीरो) लगाने पड़ेंगे। अनुमान है कि अगर इसे दुनिया के लगभग आठ अरब लोगों के बीच बांटा जाए, तो प्रत्येक के हिस्से में 9500 करोड़ रुपये से भी ज्यादा पैसे आएंगे.

नासा के मुताबिक, यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी से 24 अरब मील दूर है, जहां किसी अंतरिक्ष यान को भी पहुंचने में करीब चार साल लगेंगे। यह मंगल और बृहस्पति के बीच सूर्य की परिक्रमा कर रहा है। हालांकि नासा ने अपने एक बयान में कहा कि वह जल्द ही इस अद्वितीय धातु-समृद्ध क्षुद्रग्रह तक पहुंचने के लिए एक मिशन शुरू करेगा

यह मिशन स्पेस एक्स के सहयोग से शुरू किया जाएगा। अगर सबकुछ सही रहा तो माना जा रहा है कि इस मिशन की शुरुआत साल 2022 में होगी.  वहीं, एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि साइको 16 नामक इस क्षुद्रग्रह को साल 1852 में इटली के खगोलशास्त्री एनीबेल डी गैस्परिस ने खोजा था। उन्होंने ही इसका नाम आत्मा की प्राचीन ग्रीक देवी के नाम पर रखा था.

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