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नेपाल ने मांगी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत से मदद…

नेपाल के पूर्व पीएम पुष्प कमल दहल प्रचंड देश में लोकतंत्र बचाने के लिये भारत की शरण में हैं. काठमांडू में नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के एक धड़े को संबोधित करते हुए पुष्प कमल दहल ने कहा की देश में लोकतंत्र की हत्या हुई है. उन्होंने कहा की पीएम केपी शर्मा ओली के चलते देश में लोकतंत्र खतरे में है और हम ऐसे देशों से उसे बचाने की अपील कर रहे है, जो खुद को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हैं. पुष्प कमल दहल ने खुले तौर पर भारत का नाम नहीं लिया, लेकिन सबसे बड़े लोकतंत्र की बात करके उन्होंने साफ़ इशारा जरुर किया है.

पुष्प कमल दहल प्रचंड ने कहा,हम अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हैं खास तौर पर ऐसे देशों से जो खुद को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हैं. और जो लोकतान्त्रिक मूल्यों पर विश्वास करते हैं इसके अलावा हम अपने पड़ोसियों से अपील करते हैं कि वे ओली के अलोकतांत्रिक फैसले के खिलाफ बोले. ओली की ओर से संसद भंग किये जाने के बाद से ही दहल और माधव कुमार के नेपाल के नेतृत्व वाला नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी का धड़ा विरोध कर रहा है. सदन भंग किये जाने के दो दिन बाद ही कम्युनिस्ट पार्टी भी विभाजित हो गयी थी और अब उसके किस गुट को विद्यता प्रदान की जाये यह मामला चुनाव आयोग के समक्ष लंबित है.

ओली की ओर से संसद को भंग किये जाने के बाद से अब तक दो महीने का वक्त गुजर गया है नेपाल के संविधान की जानकारी रखने वाले एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह एक तरह से तख्तापलट जैसा था इसके बाद भी अबतक अन्तरराष्ट्रीय समुदाय ने खुलकर अपनी बात नहीं रखी है इस मामले में प्रतिक्रिया देने वाला भारत पहला देश था. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था की नेपाल में हाल में हुए राजनितिक घटना क्रम पर हमारी नजर है यह उनका आतंरिक मामला है जिसे उन्हें लोकतांत्रिक ढंग से हल करना चाहिए.