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निर्भया मामले का नाबालिग दोषी आज जी रहा हैं ऐसी जिंदगी

हैदराबाद में पशु चिकित्सक के साथ अभी हुई घटना पर पुलिस ने उन चारों दोषियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया हैं. अब निर्भया मामले के दोषियों को भी फांसी की सजा दी जाने वाली हैं. इस फांसी की सजा कि तारीख अभी तय नहीं हुई हैं लेकिन ऐसा कहा जा रहा हैं की 18 दिसंबर को शायद फांसी दी जा सकती हैं. चारों दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अ-क्षय ठाकुर के अलावा मामले में 2 और दोषी भी थे. इनमें से एक दोषी राम सिंह ने जेल में ही खुद-खुशी कर ली थी. इन सभी के अलावा एक और आरोपी था वारदात के वक्त उसे नाबालिग होने के कारण उसे जुवे-नाइल कोर्ट से 3 साल की ही कैद हुई थी और फिर उसे छोड़ दिया गया था.

आपको बताना चाहते हैं कि , ये नाबालिग दोषी ऐसा हैं जिसके बारे में कोई नही जानता हैं. आज हम आपको बाताने जा रहे हैं की ये मुख्य दोषी था लेकिन नाबालिग होने की वजह से बड़ी सजा से बच गया .अब वो जेल से आने बाद कैसी जिंदगी बिता रहा था. आयिए जानते हैं…

क्या था निर्भया का मामला

दरसलं ये मामला 16 दिसंबर ,2012 को हुआ था. निर्आभया और उसके दोस्जत उस रात को रात को फिल्म देख कर बस से वापस लौट रहे थे तभी इन 6 लोगों ने उस लड़की के साथ पहले छेड़खानी की और फिर उसके साकत रेप भी किया था.

उन लोगों ने निर्भया के दोस्त को भी पीट- पीटकर बेहोश कर दिया था. लंबे वक़्त तक जिंदगी से लड़ाई करने के बाद 29 दिसंबर, 2012 को निर्भया ने अपना दम तोड़ दिया था.

इस नाबालिग दोषी को जुवेलाइल जस्टिस के तहत 3 साल की सजा हुई थी . बाल सुधार गृह में सजा काटने के बाद उसे 20 दिसंबर 2015 को रिहा कर दिया गया था. मरने के डर से सभी दोषी पुलिस की पूछताछ में बोलते है कि असली दोषी वही हैं उसी ने उस दिन निर्भया और उसके दोस्त को बस में बुलाया था. उस नाबालिग ने ही सबसे पहले लड़की से छेड़खानी शुरू की थी और हम लोगों को भी उकसाया था.


कुछ जानकारीयों के अनुसार, ये पता चला हैं की नाबालिग दोषी उत्त-प्रदेश का रहने वाला है, जो 11 साल की उम्र में अपने घर में पैसों की तंगी के चलते दिल्ली आ गया था. यहीं उसकी मुलाक़ात ड्राईवर राम सिंह से हुई थी. राम सिंह ने उसे एक क्लीनर के तौर अपने साथ काम पर रख लिया था. ड्राईवर के पास कुछ पैसे बकाया थे वही पैसे लेने ये दोषी घटना वाले दिन वंहा पहुंचा था.

जब ये वारदात हुई थी तब ये मुख्य दोषी 17 साल 6 महीने का था. बालिग़ होने से उसकी उम्र सिर्फ 6 महीने कम थी.

निर्भया मामले के बाद पूरे देश में बहुत आक्रोश था. लोगों में बहुत ज्यादा गुस्सा था. जब लोगों को मालूम चला की पूरी घटना का मुख्य दोषी कौन हैं, तो सब लोग आग-बबूला से हो गए थे . इस नाबालिग को एक सुरक्षित जगह पर रखा जाता था.

लोगों में इतना गुस्सा देखकर सुरक्षा गृह वालों ने नाम बदलकर उसे एक रेस्टोरंट में कुक का काम दिलवा दिया था.

निर्भया मामले के बाद कानून में हुआ बदलाव
इस मामले के बाद देश में रेप जैसी वारदातों की परिभाषा ही बदल दी गयी थी. लोगों का इतना गुस्सा देख सरकार ने ऐसे अपराधों पर एक बिल पास करवा के कानून बनाया था .

संसद में इस नए जुवेनाइल जस्टिस बिल में ब-ला-त्का-र, ह-त्या और ए-सि-ड अ-टै-क जैसे अपराधों में 16 से 18 साल के नाबालिग दोषियों को भी सजा दी जाएगी ऐसा प्रावधान बनाया था. इस नए कानून के तहत 16 से 18 साल के नाबालिगों को इन अपराधों के लिए बाल संरक्षण गृह में रखा जाने की जगह सजा दी जाएगी. इस सजा में कम से कम 10 साल तक ही सजा दी जा सकती हैं. कानून में यह भी दिया हैं कि इसमें फांसी या उम्रकैद नही दिया जा सकता हैं.

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