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2021 में अपने इस बड़े फै’सले से सबको चौका सक’तें है नीतीश कुमार!

डेली न्यूज़

Nitish Kumar Latest News: बिहार विधान’सभा चुनाव 2020 (Bihar Chunav 2020) में जैसे-तैसे एन’डीए की सर’कार तो बन गई लेकिन, माना जा रहा है कि एन’डीए को मिली सीटों से नीतीश कुमार (Nitish Kumar) निराश हैं। विधान’सभा चुनाव प्रचार के दौरान नीतीश कुमा’र यह कह चुके हैं कि यह उनका अं’तिम चुनाव है। अब धीरे-धीरे नीतीश कुमार के उस बात का मतलब भी दिखाई देने लगा है। आरसीपी सिंह (RCP Singh) को जनता दल यूनाइ’टेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर नीतीश कुमार ने एक बड़ा संदेश देने की को’शिश की है।

Bihar Politics: क्या बिहार में नी’तीश कुमार अपने पुराने दांव से बीजेपी को करने वाले हैं है’रान?

नीलकमल, पटना
सातवीं बार बिहार के मुख्य’मंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करने वाले नी’तीश कुमार (Nitish Kumar) अक्सर अपने फैसले से राजनी’तिक दलों के साथ जनता को चौं’काते रहे हैं। फिर चाहे वह 2013 में नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के खिलाफ मोर्चा खोलने के साथ बीजेपी से अलग होकर अ’केले 2014 का लोक’सभा चुनाव लड़ना हो, या फिर लालू यादव की आरजेडी से मिलकर 2015 का विधा’नसभा चुनाव लड़ना हो। नीतीश कुमार के इन फैसलों से ना सिर्फ राजनी’तिक दलों को हैरानी हुई थी बल्कि, बिहार की जनता भी हत’प्रभ थी। 2020 में एक बार फिर नीतीश कुमार ने चौं’काने वाला फैसला लेते हुए आर’सीपी सिंह (RCP Singh) को जनता दल यूना’इटेड के राष्ट्रीय अध्य’क्ष घो’षित कर दिया।

नीतीश कुमार कई बार ले चुके हैं चौं’काने वाला फैस’ला

बिहार के मुख्य’मंत्री नीतीश कुमार का यह कहना कि मैं मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता था लेकिन बीजेपी ने जोर देकर मुझे ही मुख्य’मंत्री बनाया। मुख्य’मंत्री के इस बयान के बाद बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का भी इसी तरह का एक बयान आया जिसमें यह कहा गया कि नीतीश कुमार मुख्य’मंत्री नहीं बनना चाहते थे। नीतीश कुमार की छवि एक ऐसे मुख्य’मंत्री के तौर पर रही है जो पार्टी की हार के बाद पद त्या’गने से नहीं हिचकते। 2014 में लोक’सभा चुनाव में 2 सीट मिलने के बाद नीतीश कुमार ने मुख्य’मंत्री पद से इस्ती’फा दे दिया था और जीतन राम मांझी को बिहार का मुख्य’मंत्री बना दिया था।

2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी लालू यादव के आरजेडी के साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी और बिहार में महाग’ठबं’धन की सरकार के मुख्यमंत्री बने। लेकिन लालू परिवार पर भ्रष्टा’चार के आरोप लगने के बाद नी’तीश कुमार ने चौंकाने वाला फैसला लेकर महा’गठ’बंधन से नाता तोड़ लिया। फिर से वापसी करते हुए बीजेपी के साथ मिलकर एनडीए की सर’कार बना ली थी। इसके बाद बिहार विधा’नसभा चुनाव के दौरान नी’तीश कुमार ने चुनावी सभा को संबो’धित करते हुए यह का चौका दिया था कि यह उनका अंतिम चु’नाव है। बिहार में एनडीए की सरकार बनी और नीतीश कुमार फिर से मुख्य’मंत्री बने लेकिन डेढ़ महीने के भीतर उन्होंने आर’सीपी सिंह को जनता दल यूना’इटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर सभी राजनी’तिक दलों के साथ बिहार की जनता को भी चौंका दिया।

2021 में भी नीतीश कुमार ले सकते हैं चौंकाने वाला फैसला

राजनीतिक गलि’यारों में चर्चा अब यह है कि जिस नीतीश कुमार ने 2013 से 2020 तक कई चौं’काने वाले फैसले लिए हैं। क्या वे 2021 में भी कोई बड़ा फैसला लेकर पूरे देश को चौंका सकते हैं? राज’नीतिक गलि’यारों में यह अनुमान इसलिए भी लगाया जा रहा है कि नीतीश कुमार अब यह खुलकर कहने लगे हैं कि वह खुद बिहार के मुख्यमंत्री बनना नहीं चाहते थे। बीजेपी के जोर जबर’दस्ती की वजह से वह मुख्य’मंत्री बनने पर मजबूर हुए। 16 नवंबर को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करने वाले नीतीश कुमार का 1 महीने के भीतर यह बयान का’फी मायने रखता है।

बिहार की प्रमुख विपक्षी पार्टी रा’ष्ट्रीय जनता दल का मानना है कि

बिहार सरकार का कैबि’नेट विस्तार अभी होना बाकी है। इसके पहले ही मुख्य’मंत्री नीती’श कुमार का यह बयान राजनी’तिक दृष्टि से बेहद महत्व’पूर्ण है। वह भी तब जबकि नीतीश कुमार ने जनता दल यूना’इटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर आरसीपी सिंह को जिम्मे’वारी सौंप दी है। बिहार के राजनी’तिक दलों के बीच चर्चा तो यह है कि नीतीश कुमार अब केंद्र की राजनीति में जाना चाहते हैं। वि’पक्षी दलों का कहना है कि केंद्र की मोदी सरकार के कैबि’नेट विस्ता’र में जेडीयू भी शा’मिल होगी और नी’तीश कुमार कैबि’नेट मंत्री के तौर पर मौजूद रहेंगे।
क्या नीतीश कुमार कर रहे हैं केंद्र की राज’नीति की तै’यारी!