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सि’र्फ ए’क ॐ श’ब्द का उच्चार’ण ब’दल स’कता है आ’पकी कि’स्मत, जा’निए ॐ श’ब्द के जा’प का स’ही स’मय…

धार्मिक खबर

ॐ’ (Om) श’ब्‍द को हिं’दू ध’र्म में ब’हुत ही प’वित्र (Holy) औ’र धार्मि’क मा’ना जा’ता है. हिं’दू ध’र्म औ’र शा’स्‍त्र में कु’छ भी ॐ श’ब्‍द के अ’धूरा मा’ना ग’या है. कि’सी भी दे’वी या देव’ता की पू’जा हो, ॐ श’ब्‍द का उच्‍चार’ण स’बसे पह’ले कि’या जा’ता है. हिं’दू ध’र्म में ह’र पवि’त्र मं’त्र में ॐ श’ब्‍द का प्रयो’ग जरू’र कि’या ग’या है. शा’स्‍त्रों के अनु’सार ॐ श’ब्‍द को भग’वान शि’व (Lord Shiva) का अ’ति प्रि’य मा’ना ग’या है. विज्ञा’न ने भी इ’स श’ब्‍द को मेडि’केटेड मा’ना है. ज्यो’तिष शा’स्त्र के अ’नुसार ओ’म श’ब्‍द के उच्‍चार’ण मा’त्र से निक’लने वा’ली ध्‍व’नि म’न को शां’त कर’ती है औ’र लो’गों को क’ई रो’गों से मु’क्‍त कर’ती है. इ’स श’ब्‍द में बहु’त श’क्ति है. आइ’ए जा’नते हैं कि ओ’म श’ब्‍द का उच्‍चा’रण क’रने का स’ही तरी’का क्‍या है औ’र इ’स श’ब्‍द को कि’स सम’य बो’लने से इस’का अ’च्‍छा अ’सर हो’ता है.

कै’से क’रें ॐ का उच्‍चा’रण
स’बसे प’हले य’ह जा’न लें कि ॐ अ’पने आ’प में ए’क सम्‍पू’र्ण मं’त्र है. य’ह मं’त्र छो’टा औ’र आ’सान न’जर आ’ता है लेकि’न उत’ना ही मु’श्किल इस’का उच्‍चा’रण हो’ता है. अमू’मन लो’ग ॐ का ग’लत उच्‍चार’ण क’रते हैं. आप’को ब’ता दें कि हिं’दू ध’र्म में कि’सी भी मं’त्र का ग’लत उच्‍चा’रण क’रने से इ’सका बु’रा अ’सर पड़’ता है. ओ’म श’ब्‍द ती’न अक्ष’रों से मि’ल क’र ब’ना है. य’ह अ’क्षर है अ, उ औ’र म. इस’में अ का अ’र्थ है उत्‍प’न्‍न क’रना, उ का मत’लब है उठा’ना औ’र म का अ’र्थ है मौ’न रह’ना या’नी ज’ब य’ह ती’नों श’ब्‍द मि’लते हैं तो उस’का अ’र्थ हो’ता है ब्रह्म’लीन हो जा’ना. इस’लिए आ’प ज’ब भी ॐ का उच्‍चार’ण क’रें तो इ’न ती’न अक्ष’रों को ध्‍या’न में र’ख क’र क’रें.