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पह’ली बा’र इ’स का’म को क’रने से क्यों हो’ता है द’र्द, अके’ली लड़’कियों को ही न’हीं ब’ल्कि लड़’कों को भी हो’ता है..जा’निए…

हिंदी खबर

पह’ली बार इ’स का’म को क’रने से इस’लिए हो’ता है द_र्द क्यों’कि बढ़’ती उ’म्र के सा’थ जै’से ही जिम्मेदा’रियां आ’ती हैं बहु’त कुछ पी’छे र’ह जा’ता है। यही वज’ह होती है कि 40 की उ’म्र त’क आ’ते- आते महि’लाओं की पु’रुषों से शिका’यतें शु’रु हो जाती है कि वे अ’ब उ’न्हें पह’ले की तरह प्रे’म नहीं करते हैं, उ’न्हें स’मय नहीं दे’ते हैं आ’दि। प्रे’म तो जी’वन में हमे’शा रह’ता है पर क’भी- कभी उस’की अभि’व्यक्ति बेह’द आ’वश्यक हो जा’ती है। वैलें’टाइन- डे जै’से दिन ह’में अप’ने प्रे’म को जा’हिर क’रने का एक मौ’का दे’ते हैं। अग’ली स्ला’इड्स से जा’निए कि’स तरह 40 की उ’म्र के बा’द भी आप छो’टी-छो’टी ची’जें करके अप’ने जीवन’साथी को इस खा’स दि’न पर खा’स मह’सूस कर’वा सक’ते हैं।

फू’ल दे’कर क’रें इज’हार
वैलेंटा’इन- डे पर आ’प अ’पने दि’न की शुरुआ’त अप’ने प्या’र को जाहि’र क’रके आ’सानी से क’र स’कते हैं। आप’को य’दि अ’ब कु’छ कह’ने में थो’ड़ा अजी’ब महसू’स हो’ता है या श’र्म आ’ती है तो आ’प अपने हमस’फर को उ’नके प’संद का फू’ल लाक’र ब’ड़े प्या’र से अ’पने हा’थों से दें औ’र यदि आ’प पार्ट’नर का पसंदी’दा फू’ल के वि’षय में न’हीं जा’नते हैं तो लाल गुला’ब से बेह’तर आ’पके लिए कु’छ भी न’हीं है। ऐ’सा करने से आ’पके जीव’नसाथ ब’हुत खु’श हो जाएं’गे।