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जा’नें रि’लेशनशिप के 5 स’च, र’खें इ’न बा’तों का खा’स ख्या’ल, ब’ना रहे’गा दो’नों में प्या’र….

हिंदी खबर

रिले’शनशिप में अप’नी तर’ह की अ’लग जटि’लताएं मौजू’द हो’ती हैं. ये क’भी स’रल न’हीं हो’तीं. ए’क बा’र ज’ब इ’न्हें मै’नेज क’रने का तरी’का जा’न ले’ते हैं, त’ब इ’न्हें ने’विगेट कर’ने औ’र अपेक्षा’एं निर्धा’रित क’रने में ब’हुत आसा’नी हो जा’ती है. रिले’शनशिप में क’ई तर’ह की बा’तें शा’मिल हो’ती हैं. इ’न बा’तों के पी’छे क’ई त’रह के इ’मोशन्स भी न’जर आ’ते हैं. रिले’शनशिप में र’हते हु’ए इ’न स’भी ची’जों का ध्या’न रख’ना ब’हुत ज’रूरी हो’ता है. य’हां रि’लेशनशिप के 5 स’च के बा’रे में बता’या ग’या है जो आ’प अ’पनी 20 सा’ल की उ’म्र में सी’खेंगे औ’र भ’विष्य में भी आ’पको इस’से फाय’दा हो’गा.

ह’र को’ई बैगे’ज के सा’थ आ’ता है
लग’भग ह’र कि’सी का पा’स्ट में रि’श्ता र’ह चु’का हो’ता है. ज’ब आ’प कि’सी न’ए रि’श्ते के लि’ए क’मिट कर’ते हैं, तो इ’स त’थ्य को स्वी’कार क’रना चा’हिए कि आ’प स’हित ह’र व्य’क्ति का पा’स्ट र’हा है. इ’से सम’झते हु’ए आ’सानी से स्वी’कार क’रें. न’ए रिले’शनशिप के दौ’रान आप’को अप’नी स्टो’री प’र का’म क’रना चा’हिए.


कु’छ लो’ग मत’लबी हो सक’ते हैं


आप’के लि’ए चु’ने ग’ए ह’र व्य’क्ति का आ’पके लि’ए आद’र्श च’यन हो’ना ज’रूरी न’हीं है. य’ह भी ज’रूरी न’हीं कि उस’के दि’ल में आ’पके लि’ए प्या’र हो. प्या’र में न’कार देने वा’ला अनु’भव आ’पको सि’खाएगा. आप’को निरा’शा हो स’कती है ले’किन क’ब ला’इन खींच’नी है, य’ह जा’नना ज’रूरी है. आप’को ल’गे कि स्थि’ति हा’थ से बा’हर जा र’ही है, तो रि’श्ते से बा’हर आ जा’ना चा’हिए.

क’भी-क’भी क्रू’र हो’ना ज’रूरी
हो स’कता है कि आ’प अ’पने सा’थी की बा’तों से ब्लं’ट न हों. इस’का मत’लब य’ह भी हो स’कता है कि आ’प अस’हज ब’र्ताव को इ’नेबल क’र र’हे हैं. अप’ने दु’खों को ख’त्म कर’ने के लि’ए आप’को पू’री तर’ह से ईमा’नदार हो’ने की ज’रूरत है. जो बंध’न आ’पकी अपे’क्षाओं या इ’च्छाओं प’र विचा’र न’हीं कर’ता, ऐ’से रि’श्ते में न’हीं पड़’ना बेह’तर र’हता है.

विचा’रशील लो’ग र’त्न की तर’ह हो’ते हैं

ए’क विचा’रशील व्य’क्ति वास्त’व में आ’पकी भा’वनाओं औ’र आवश्य’कताओं को समा’योजित कर’ना जा’नता हो’गा. व’ह आ’पको सी’खने औ’र का’म कर’ने के लि’ए प’र्याप्त स्था’न दे’गा. आ’प अ’पने सा’थी की भाव’नाओं औ’र इ’मोशंस के सा’थ ग्रहण’शील ब’ने र’हने का प्र’यास क’रें.

कम’जोर हो’ना भी ज’रूरी है
कम’जोर को अ’क्सर कम’जोरी मा’ना जा’ता है औ’र म’जाक भी बना’या जा’ता है. दूस’रे के सा’थ अ’सुरक्षित महसू’स हो’ना आप’का भ’रोसा औ’र ग’हरे संबं’धों का सं’केत है. जि’स तर’ह से आ’प अ’पने सा’थी के सा’थ भावना’त्मक, शारी’रिक औ’र य’हां त’क कि सेक्सुअ’ली स’हज औ’र सुर’क्षित म’हसूस कर’ते हैं. य’ह अप’ने आ’प में ए’क सं’पूर्ण सं’बंध बना’ता है.