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पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच लोगों के लिए राहत भरी खबर है….

पेट्रोल और डीजल  की आसमान छूती कीमतों के बीच लोगों के लिए राहत भरी खबर है. ईंधन की कीमतों में लगातार 12 दिन से जारी तेजी रविवार को थम गई. तेल विपणन कंपनियों ने रविवार को पेट्रोल और डीजल के भाव को अपरिवर्तित रखा है. इसके बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल 90.58 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 80.97 रुपये लीटर पर बना हुआ है, जो कि शुक्रवार का भाव है. इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों का नहीं बढ़ना माना जा रहा है.इसी प्रकार, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल का भाव 97 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ, जो सबसे ऊंचे स्तर पर है. डीजल भी 88.06 रुपये प्रति लीटर पर है. फिलहाल, देश के शीर्ष चार महानगरों में मुंबई में पेट्रोल सबसे महंगा है. 

कोलकाता और चेन्नई की बात करें तो यह भी ईंधन के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. कोलकाता में पेट्रोल 91.78 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल का भाव 84.56 रुपये प्रति लीटर पर अपरिवर्तित रहा. वहीं, चेन्नई में भी पेट्रोल 92.59 रुपये लीटर और डीजल 85.98 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डीजल, पेट्रोल के भाव के नई ऊंचाइयों पर पहुंचने के खिलाफ उठ रही आवाजों के बीच शनिवार को कहा कि खुदरा कीमतों को तार्किक स्तर पर लाने के लिये केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है. भारत में पेट्रोल की खुदरा कीमत में करीब 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्रीय व राज्यों के करों का है. इसी तरह डीजल की खुदरा कीमतों में करीब 56 प्रतिशत हिस्सा केंद्रीय व राज्यों के करों का है.

वित्त मंत्री ने ये भी कहा की यह एक बहुत ही विवादास्पद मुद्दा है. एक ऐसा मुद्दा जिसमे मूल्य (ईधन) को कम करने के अलावा कोई भी उत्तर किसी को नहीं पचेगा. मुझे पता है कि मै एक ऐसे विषय पर बोल रही हूँ, जिसके बारे में मै कुछ भी कहू, वास्तविकता बताने की कोई भी कोशिस कर लू, ऐसा लगेगा की मै बाते बना रही हूँ. मै अपने जवाब से बच रही हूँ. मै अपने ऊपर से दोष हटा रही हूँ. वित्त मंत्री ने कर संरचना को समझाने का प्रयास किया और बताया कि ओपेक व सहयोगी देशो के द्वारा उत्पादन में कटौती करने से कैसे कच्चे तेल की अन्तरराष्टीय कीमते काफी बढ़ गयी है, जिसके करण करण देश में खुदरा कीमते बढ़ गयी है.