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प’त्नियों के अ’वैध सं’बंध: प’ति न’हीं मान’ते ग’लत, सा’मने आ’या अ’जीब रि’वाज, दे’खें त’स्वीरें….

हिंदी खबर

लख’नऊ: दु’निया अजी’बोगरीब री’ति-रिवा’जों औ’र परंप’राओं औ’र भ’री प’ड़ी हैं। आ’ज ह’म आ’पको ए’क ऐ’सी ही जनजा’ति के बा’रे में बता’ने जा र’हे हैं, जिन’के रि’वाज दू’सरों की तु’लना में ब’हुत ही अ’लग है। अफ्री’का में रह’ने वा’ली जन’जाति की क’ई अजीबो’गरीब परं’पराओं के सा’थ निय’म भी हैं। इ’न प्रजा’तियों सब’से है’रान क’रने वा’ली है बो’राना ओ’रोमा जनजा’ति। आ’इये आ’पको बता’ते हैं समु’दाय से जु’ड़ी इंट्रे’स्टिंग बा’तें-

इ’स त’रह खु’द की ब’नाते हैं स’रकार

बो’राना ओ’रोमा समु’दाय के लो’गों को बोरा’ना क’हते हैं ये जन’जाति इथि’योपिया के दक्षि’णी ओरोमि’या के उ’त्तरी के’न्या में रह’ते हैं। इ’स जन’जाति के लो’ग अड़’चन से के सा’थ ग’ड्डा प्रणा’ली के मुता’बिक जीव’न व्य’तीत कर’ते हैं। य’हां प’र ना को’ई सर’कार ना को’ई बा’हरी लो’ग इन’के इ’स प्रणा’ली में दख’ल दे’ते हैं। स्वदे’शी लोक’तांत्रिक प्रणा’ली के तह’त समु’दाय की राजनी’तिक, आ’र्थिक, सामा’जिक औ’र धा’र्मिक गति’विधियों रो’का जा’ता हैं। ग’ड्डा प्र’णाली के मुता’बिक, पां’च ओरो’मो स’मूहों में आ’ठ सा’ल के लि’ए पु’रुषों को चु’ना जा’ता हैं।

और’तें गै’र-म’र्द से बन’ती है सं’बंध

इस’के अंत’र्गत पू’रे समा’ज में राजनी’तिक, आर्थि’क, सामा’जिक औ’र धा’र्मिक, न्या’यिक को कं’टोल का स’कते हैं। आ’ठ सा’ल के बा’द इ’न स’ब सेवा’ओं से मु’क्त हो जा’ते हैं। इ’स तर’ह व’ह अप’ने राज’नीतिक औ’र से’ना का सं’गठन के का’फी शक्तिशा’ली ब’ना ले’ते हैं। य’हां की और’तें लौ’की से ब’ने ब’र्तन में दू’ध रख’ती हैं। लौ’की को सुखा’कर बना’या जा’ता इ’स बर्त’नों को का’फी अ”च्छे से सजा’या जा’या हैं। य’हां की औ’रतें अ’पने हा’थों में मन’कों से ब’नी अंगूठि’यां धा’रण कर’ती हैं। इ’स समु’दाय में और’तों को म’र्दों से ज्या’दा अधि’कार प्रा’प्त हो’ते हैं। इ’स जन’जाति की औ’रतें शा’दी के बा’द अ’पने प’ति के अ’लावा कि’सी गै’र पु’रुष के सा’थ शारी’रिक सं’बंध र’ख सक’ती हैं।

समु’दाय भी दे’ता हैं स’मर्थन

म’हिला के इ’स फै’सले को स’म्मान के सा’थ पू’रा समु’दाय स’मर्थन भी क’रता है। य’ह प’र ए’क प’त्नी खु’द इ’स बा’त का नि’र्णय ले’ती हैं कि कौ’न उस’के घ’र में प्र’वेश क’रेगा औ’र शारी’रिक संबं’ध बना’एगा। इ’स स’ब के दौ’रान अ’गर प’ति घ’र वापि’स आ’ता है औ’र अ’गर घ’र के बा’हर उ’सको जमी’न में द’बे हु’ए भा’ले को दे’खता हैं तो व’ह अं’दर न’हीं जा सक’ता हैं। क्यों’कि इ’से ए’क सं’देस मा’ना जा’ता हैं। कि प’त्नी उ’सके कि’सी गै’र-पु’रुष के सा’थ शारी’रिक सं’बंध ब’ना र’ही है। ज’ब व’ह गै’र-पु’रुष भा’ले को ज’मीन से बा’हर निका’लेगा तो ही उ’स महि’ला का प’ति घ’र में प्र’वेश जा सक’ता हैं।