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नि’र्भ’या के दो’षि’यों की फां’सी से पहले SC के जज ने दिया बे’हू’दा ब’या’न, कहा- अब…

नि’र्भ’या के’स में चारों दो’षी को कोर्ट की तरफ से आने वाली 20 तारीख को फां’सी होने वाली है. अब चारों दो’षी फां’सी टलवाने के लिए हर रोज नई-नई चाल चल रहे है. आपको बता दें कि नि’र्भ’या के दो’षि’यों की फां’सी से पहले SC के जज ने दिया बे’हू’दा ब’या’न जो जानकर खू’न खौ’ल उठेगा. आइये आपको बताते हैं जज ने क्या कहा हैं?

अब जब नि’र्भ’या गैं’ग’रे’प और ह’त्या के दो’षि’यों को फां’सी प’र लटकाने का वक्त करीब आ गया है, तब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस जोसफ कुरियन ने इस फैसले पर सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि क्या इन्हें फां’सी पर लटका देने से जघन्य अ’प’रा’ध की घटनाओं पर रोक लगा जाएगी? रिटायर्ड जज ने कहा, ‘इन्हें फां’सी दे देने से क्या इस तरह के गुनाह रु’क जाएंगे? बच्चन सिंह के’स में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मृ’त्यु दं’ड दु’र्ल’भ’त’म मामलों में ही दी जानी चाहिए, वह भी तब जब नि’र्वि’वा’द तरीके से सारे विकल्प खत्म हो जाएं।’

पूर्व जज ने कहा कि अगर ऐसे जघन्य अ’प’रा’धि’यों को ताउम्र जे’ल में रखा जाए तो समाज के लिए यह याद रखने वाली बात होगी जबकि फां’सी के बाद लोग घटनाओं को भूल जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता है कि चा’रों दो’षि’यों को फां’सी पर लटका देने से नि’र्भ’या के माता-पिता को न्या’य मिल जाएगा। पी’ड़ि’त के पैरंट्स के प्रति हमारी सहानुभूति जरूर है। मुझे सच में बु’रा लगता है।’ उन्होंने कहा कि दं’डि’त करने का मकसद प्रतिकार, क्षतिपूर्ति और सुधार होता है। उन्होंने कहा, ‘मेरे हिसाब से कोर्ट ने अगर दया याचिका पर विचार करते हुए इन सभी पक्षों को नजरअंदाज कर दिया तो राष्ट्रपति और सरकार का कर्तव्य है कि इनमें कुछ पहलुओं पर विचार करे.’

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