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घ’र में शं’ख रख’ने के अ’नोखे फा’यदे: जि’न्हें जान’कर आ’प तु’रंत लें आ’एंगे शं’ख, जा’निए…

धार्मिक खबर

हिं’दू ध’र्म में क’ई वा’द्य यं’त्रों को दे’वी-देवता’ओं से जो’ड़ क’र दे’खा जा’ता है. मान्‍य’ता है कि इ’न वा’द्य यं’त्रों में दे’वी-देव’ताओं का वा’स हो’ता है. धार्मि’क ग्रं’थों में कु’छ वा’द्य यं’त्रों को घ’रों में र’खने की बा’त भी क’ही ग’ई है. इन’में से ए’क है शं’ख (Conch Shell). शं’ख से जु’ड़े क’ई धार्मि’क म’हत्‍व हैं. इ’से घ’र में र’खना शु’भ मा’ना जा’ता है. इत’ना ही न’हीं, शं’ख को घ’र में र’खने के सा’थ-सा’थ इ’से बजा’या भी जा’ता है औ’र इस’की पू’जा भी की जा’ती है. वि’ष्‍णु पुरा’ण में इ’स बा’त का जि’क्र मि’लता है कि शं’ख में दे’वी ल’क्ष्‍मी (Maa Lakshmi) का वा’स हो’ता है, इस’लिए जगत’पिता नारा’यण इ’से धा’रण क’रते हैं. ऐ’से में शं’ख को घ’र प’र रख’ना ज्‍योति’ष शा’स्‍त्र औ’र वा’स्‍तु शा’स्‍त्र के आ’धार प’र बेह’द शु’भ मा’ना ग’या है. हालां’कि शं’ख के क’ई प्र’कार औ’र आ’कार हो’ते हैं. इ’न स’भी को ध’र्म से जो’ड़ क’र न’हीं दे’खा जा स’कता है. हिं’दू ध’र्म में 10 तर’ह के अ’लग-अ’लग शं’खों को मह’त्‍व दि’या ग’या है. अ’गर आ’प इ’न्‍हें घ’र प’र रख’ते हैं तो य’ह आ’पको ला’भ प’हुंचा स’कते हैं. बा’जार में आ’प इ’न्‍हें कि’सी अ’च्‍छी धा’र्मिक सा’मग्री र’खने वा’ली दुका’न से ख’रीद स’कते हैं. आइ’ए आ’पको बता’ते हैं इ’न शं’खों के बा’रे में.

का’मधेनु शं’ख
य’ह शं’ख आसा’नी से प्रा’प्‍त न’हीं हो’ता है. इस’का आ’कार गा’य के मु’ख जै’सा हो’ता है इस’लिए इ’से का’मधेनु शं’ख क’हा जा’ता है. वा’स्तु अनु’सार य’दि आ’प इ’स शं’ख को घ’र में रख’ते हैं औ’र इ’सकी पू’जा क’रते हैं तो इ’ससे ल’क्ष्‍मी प्रा’प्ति के सा’थ-सा’थ आप’के सो’चन-समझ’ने की श’क्ति भी ब’ढ़ती है. ऐ’सी मा’न्‍यता है कि इ’स शं’ख की पू’जा कर’ने प’र आ’प जै’सी कल्‍प’ना कर’ते हैं वै’सा ही का’र्य भी क’र पा’ते हैं.