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उत्तर प्रदेश में लगेगा राष्ट्रपति शासन? सामनें आयी बड़ी वजह👇

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तमिलनाडु के सी आर जया सुकिन ने यह याचिका दायर करके नेशनल क्राइ’म रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यूपी में अप’राध का ग्राफ बढ़ा है।

सुनवाई के दौरान सुकिन ने कहा कि यूपी में पु’लिस द्वारा गैरका’नूनी और मनमाने तरीके से ह’त्याएं की जा रही हैं। उन्होंने आ’रोप लगाया कि राज्य में ऐसी स्थितियां बन गई हैं जिसमें यूपी सरकार को संविधान के प्रावधानों के अनुरुप बने रहने की इजाजत नहीं दा जा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तरप्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करनेवाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने यूपी में अधिक अपरा’ध की बात कह रहे याचिकाकर्ता से कहा कि आपने कितने राज्यों का अध्ययन किया है।

चीफ जस्टिस एसए बोब्डे की अध्यक्षता वाली बेंच ने या’चिकाकर्ता से यह भी कहा कि अगर आपने और जिरह की तो समय ब’र्बाद करने के लिए ह’र्जाना लगाया जाएगा।

अदालत ने कहा था कि हमारे समक्ष मा’मला आया, जिसके बारे में हमने संज्ञान लिया है. यह के’स सा’र्वजनिक महत्व और सा’र्वजनिक हित का है क्योंकि इसमें राज्य के उच्च अधिकारियों पर आ’रोप शामिल हैं, जिसके परिणामस्वरूप न केवल मृ’तक पी’ड़िता बल्कि उसके परिवार के सदस्यों की भी मूल मानवीय और मौ’लिक अधिकारों का उ’ल्लंघन होता है.