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इस गुरु ने करा दी थी 900 लोगों की सामू’हिक आत्म’ह’त्या, वजह जान कर आप हैरान हो जाएंगे

डेली न्यूज़

आज ही के दिन 42 साल प’हले दक्षिण अमेरि’का के गु’याना के जोन्स’टाउन में 900 से अधि’क लोगों की सामू’हिक आत्म’हत्या का मामला सामने आया था. ये सभी एक धा’र्मिक पंथ पीप’ल्स टें’पल ग्रुप को मानने वाले थे. इस पंथ की स्था’पना करने वाले जिम जोंस ने भी आत्म’हत्या कर ली थी. इसे आधु’निक इति’हास में सामू’हिक आत्म’हत्या की सबसे बड़ी घट’ना माना जाता है. 
 

जिम जोन्स एक पादरी था जि’सने 1950 के द’शक में पीप’ल्स टेंपल की स्था’पना की थी. वो शुरु’आती दौर में नस्लभेद के खि’लाफ बातें करता था जिसके चलते उसके पंथ में कई अफ्री’की अमेरिकन्स शामिल हुए क्यों’कि उस दौर में अमे’रिका में ब्लै’क लोग अपने अधि’कारों के खिलाफ काफी मु’खर हो रहे थे. 

जिम इसके अला’वा सिविल राइ’ट्स को लेकर भी काफी मुखर था. उसने कई कलर के बच्चों को ए’डॉप्ट किया. उसका एक ही बेटा था जिसका मि’डिल नेम गांधी था. जिम अपने साथ जुड़े लोगों को ये एहसास दिलाना चाहते थे कि यु’द्ध, डिप्रे’शन और तक’लीफों से गुजरते अमेरि’कियों के लिए एक आदर्श समाज की स्था’पना की जा सकती है. 

60 और 70 के दशक में अमे’रिकी समाज में फैली युग’चेतना को जिम ने भी भुनाने की कोशिश की. उन्होंने लोगों के डर और असु’रक्षा को देखते हुए वादे किए कि वे एक बेह’तर दुनिया बनाने जा रहे हैं जहां हर कोई एक समान होगा. जिम की एक पूर्व फॉलो’अर के मुताबिक, वो अपने आपको गांधी, बुद्ध और लेनिन का रूप बताते थे. किसी को एक पिता की जरूरत मह’सूस होती थी तो उसके साथ वैसे ही बर्ता’व करते थे. वे अपने पंथ में मौ’जूद हर इंसान को उसकी असु’रक्षा के हिसाब से सुनि’श्चित करते थे.  

जिम के इस पंथ में ज्या’दातर अफ्रीकन अमेरिकन लोग थे, लेकिन इसके अलावा इस ग्रुप में मेक्सि’कन, यहूदी और गोरे लोग भी शामिल थे. इन लोगों में कई ऐसे थे जो अनपढ़ थे.वहीं, कई ऐसे भी थे जो काफी एजु’केटेड थे लेकिन सभी एक आदर्श लोक की स्थापना के लिए कड़ी मेह’नत कर रहे थे और जिम ने इन्हें जो सपना दिखाया था, उसके लिए जी जा’न से जुटे थे. 

1970 के दशक में जिम के ग्रुप पर आ’रोप लगने लगे कि उन्होंने आर्थि’क फ्रॉ’ड किए हैं और उन पर अपने पंथ के लोगों के साथ दुराचार के आरोप लगने लगे. अपने खिलाफ बढ़ती आलो’चना को देखते हुए उन्होंने अपने ग्रुप को गुया’ना ले जाने का फैसला किया. उन्होंने अपने पंथ के लोगों से वादा किया कि गुयाना में एक आद’र्श समाज का नि’र्माण करेंगे. 
 

हालांकि, गुयाना के जोनस’टाउन में जिस आदर्श’लोक की आस जिम के फॉलो’अर्स लगाए बैठे थे, उन्हें ऐसा कुछ नहीं मिला. टेंपल के सद’स्यों को फी’ल्ड में काफी मेह’नत करनी पड़ती थी और जो’नस के प्रशा’सन पर सवाल उठाने पर उन्हें काफी कड़ी सजा मिलती थी. उनके पास’पोर्ट छीन लिए गए थे. वहीं जिम ड्र’ग्स का आदी हो चुका था और उसके मान’सिक हालात ख’राब हो चले थे और उसे भरो’सा हो चला था कि अमेरिकन सरकार उसे ख’त्म करने वाली है.

जोनसटाउन, गुयाना

साल 1978 में पीप’ल्स टेंपल के पूर्व सदस्यों ने अमेरिका के एक नेता लियो रायन को मनाते हुए इस मामले की जांच करने को कहा. 17 नवंबर 1978 को लियो जोनस’टाउन में कुछ पत्र’कारों के साथ पहुंचे. जब लियो अगले दिन वहां से जाने लगे तो कई जोनस’टाउन में मौ’जूद लोगों ने उन्हें अपने साथ ले जाने के लिए कहा. जो’नस इस घटना से चिं’तित हो गया और फिर उसने अपने फॉलो’अर्स को लियो रायन को मार डालने के लिए कहा. जिम के फॉलो’अर्स ने लियो और उनके चार सा’थियों को मार गिराया. 
 

जिम जोन्स