Categories
Other

आखिर रविवार को ही क्यों होती है छुट्टी ?


दोस्तों क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर रविवार हो ही क्यों छुट्टी होती है, पूरे हफ्ते में रविवार को ही वीक ऑफ के लिए क्यूँ चुना गया ? आज हम आपको बताएँगे रविवार को छुट्टी क्यों की जाती है.
स्कूल जाने वाले बच्चे हों या कोई नौकरी करता व्यक्ति हो सभी को सप्ताह के अंत में रविवार का इंतजार रहता है…रविवार का दिन सभी के लिए बेहद खास होता है, ये दिन सभी के लिए छुट्टी का दिन यानि की मस्ती का दिन होता है.. दोस्तों रविवार को लोग अपने काम और पढ़ाई से थोडा सा दूर हटकर अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं या फिर लोग वो कार्य करते हैं जो उन्हें रिलेक्स महसूस कराये..

आपको बता दें कि कुछ साल पहले हुए एक वैज्ञानिक शोध से ये बड़ा खुलासा हुआ है कि काम करने या पढने वाले लोगों को सात दिन में एक दिन छुट्टी देने से उनका मानसिक विकास बेहतर ढंग से होता है…और साथ ही साथ इससे दिमाग और शरीर को शांत होने का अवसर भी मिल जाता है… अगर आप लगातार कई घंटे काम करते हैं तो इससे आपके दिमाग और शरीर दोंनो पर असर पड़ता है और वो थक जाते हैं..और एक दिन छुट्टी मिल जाने से दोनों को ही आराम मिलता है… लेकिन आज हम इस वीडियो में आपको ये समझाने वाले हैं कि आखिर रविवार के दिन ही छुट्टी की जाएगी ये कब और किसने तय किया.. दोस्तों इसकी जानकारी बेहद कम लोगों को होगी..

इस वजह से होता है रविवार छुट्टी का दिन


दोस्तों रविवार के दिन छुट्टी यूँही नहीं होती बल्कि ऐसा इसाई धर्म के मुताबिक होता है… और ये तो आप सब जानते ही हैं कि दुनिया के कई बड़े देशों में ईसाई धर्म के अनुयायी मौजूद हैं और उसको मानते भी हैं… दोस्तों भारत में अंग्रेजी शाशन एक लम्बे वक्त तक रहा था, यहाँ भी इसाई धर्म का खूब प्रचार हुआ.. जब भारत में कई सालों तक अंग्रेजों का राज रहा तो इस कारण यहां भी कई चीजें खुद अंग्रेजों के द्वारा लाई गयीं थी.. दोस्तों ईसाई धर्म में ये मान्यता है कि उनके ईश्वर, इशु मसीह ने धरती का निर्माण करने के लिए 6 दिन का समय लिया था…जब पूरी धरती का निर्माण कार्य समाप्त हुआ तो उन्होंने इसके बाद सातवें दिन यानि की रविवार को आराम करने का फैसला किया था…


इसी धार्मिक मान्यता के चलते ईसाईयों ने रविवार को आराम का दिन माना.. हालाँकि ब्रिटेन और अन्य देशों में ये पहले से चला आ रहा था कि हफ्ते का आखिरी दिन छुट्टी का दिन होता है.. लेकिन भारत में अंग्रेजों ने ये सन 1843 में तय किया….कि भारत में भी अबसे हर रविवार को छुट्टी मनाई जाएगी… ब्रिटिश गर्वनर जनरल के आदेश के मुताबिक तभी से स्कूल, कॉलेजों और दफ्तरों में रविवार को वीकेंड ऑफ घोषित किया गया था.. इस आदेश के पीछे एक वजह थी जिसके मुताबिक ऐसा करने से छात्र पढ़ाई पर और लोग अपने काम पर अधिक ध्यान केन्द्रित कर सकते हैं, क्योंकि ऐसा करने से उन्हें एक दिन आराम और अपने बाकी और कामों को निपटाने के लिए मिल जायेगा..


इसी तर्क को समझने के लिए जब एक सर्वे किया गया तो ये पाया गया कि हफ्ते में एक दिन आराम करने वालों के अंदर अधिक रचनात्मकशीलता है..
दोस्तों मुंबई भारत का वो पहले शहर था जहाँ सबसे पहले रविवार की छुट्टी दी गई थी… लेकिन दोस्तों ऐसा नही है कि सिर्फ इसाई धर्म में ही एक खास दिन का महत्त्व है.. बल्कि सभी धर्मों में एक दिन भगवान के नाम पर समर्पित होता है… जैसे की हिंदूओं धर्म में सोमवार को शिव भगवान का या मंगलवार हनुमान को समर्पित होना.. इसी प्रकार मुस्लिमों में भी शुक्रवार यानि की जुम्मा एक बेहद खास दिन होता है.. कई मुस्लिम बहुल्य देशों में हफ्ते में हर शुक्रवार को छुट्टी मनाई जाती है.. और रविवार तो है ही इसाई धर्म में छुट्टी का दिन.. तो इसलिए अंग्रेजों के जाने के बाद भी उनके द्वारा की गयीं संडे की छुट्टी आज भी लोगों को हिंदुस्तान में खुश करती है..

Leave a Reply

Your email address will not be published.