Categories
News

रवि’वार को क’रें ये आ’सान उपा’य, मां ल’क्ष्मी हों’गी प्र’सन्न क’रेंगी ध’न व’र्षा….

धार्मिक खबर

ह’र व्य’क्ति सु’ख-सु’विधाओं के सा’थ जी’ना चा’हता है। इंसा’न पै’सा क’माने के लि’ए दि’न-रा’त मेह’नत कर’ता है। हा’लांकि क’ई बा’र मेह’नत क’रने के बाव’जूद भी उ’से व’ह मु’काम हासि’ल न’हीं हो पा’ता है, जि’सके स’पने उस’ने संजो’ए र’खे हैं। अग’र आ’प भी ध’न प्रा’प्ति के यो’ग बना’ना चा’हते हैं तो शा’स्त्रों में कु’छ उ’पाय बता’ए ग’ए हैं। मा’न्यता है कि र’विवार के दि’न इ’न उ’पायों को क’रने से ध’न ला’भ का यो’ग बन’ता है। जा’निए रवि’वार के उपा’य और टो’टके-

1. रवि’वार के दिन शा’म को सू’र्यास्त के बा’द पी’पल के पे’ड़ के नी’चे चौ’मुखा दी’पक जला’ने से ध’न-सं’पत्ति में बर’कत हो’ती है। मा’न्यता है कि ऐ’सा क’रने से मां ल’क्ष्मी प्र’सन्न हो’ती हैं औ’र ध’न ला’भ का यो’ग बन’ता है।

2. मा’न्यता है कि रवि’वार के दि’न शा’म को गा’य के घी से मेन’गेट के दो’नों त’रफ दीप’क ज’लाने से मां ल’क्ष्मी प्र’सन्न हो’ती हैं औ’र अ’पनी कृ’पा बरसा’ती हैं।

3. मा’न्यता है कि र’विवार के दि’न शा’म को शि’व मं’दिर में गौ’री शं’कर रूद्रा’क्ष चढ़ा’ने से घ’र में मां ल’क्ष्मी का आ’गमन हो’ता है।

4. क’हते हैं कि रवि’वार के दि’न शा’म को पीप’ल के प’त्ते प’र अप’नी म’न की मुरा’द लि’खकर न’दी के ब’हुत हु’ए ज’ल में प्रवा’हित क’रने से मनो’कामना ज’ल्द पू’र्ण हो’ती है।

5. रवि’वार को सो’ने से पह’ले ए’क गि’लास गा’य का दू’ध अ’पने सि’रहाने रख’कर सो जा’एं। सुब’ह स्ना’न पू’जा के बा’द य’ह दू’ध ग्रह’ण क’रें। क’हते हैं कि ऐ’सा कर’ने से बिग’ड़े हु’ए का’म बन’ने लग’ते हैं।

6. कह’ते हैं कि रवि’वार के दि’न ती’न न’ई झा’डू खरीद’कर ला’एं। अ’गले दि’न स्न्ना’न के बा’द इ’न्हें दे’वी जी के मं’दिर में र’खें औ’र इ’स दौरा’न को’ई दे’खे या टो’के न’हीं। मान्य’ता है कि ऐ’सा क’रने से ध’न प्रा’प्ति का यो’ग ब’नता है।