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ध’नतेरस के दि’न भू’ल क’र भी न ख’रीदें ये 10 ‘चीजें, व’रना घ’र से च’ली जा’एंगी बर’कत, जा’निए….

धार्मिक खबर

धन’तेरस (Dhanteras 2020) का त्योहा’र आ’ने वा’ला है औ’र ध’न कुबे’र (Dhan kuber) को प्र’सन्न क’रने का ये बेह’द शु’भ स’मय है. धनतेर’स शुक्र’वार, 13 नवं’बर को है औ’र इस’की पू’जा का शु’भ सम’य शा’म 5:30 ब’जे से 6:00 ब’जे त’क र’हेगा. ज्योति’षविद अ’श्विनी मंग’ल क’हते हैं कि धन’तेरस प’र खरी’दारी कर’ना बेह’द शु’भ मा’ना जा’ता है, ले’किन इ’स दि’न कु’छ खा’स ची’जें बि’ल्कुल न’हीं ख’रीदनी चा’हिए.

धनते’रस के दि’न बहु’त से लो’ग स्टी’ल के ब’र्तन घ’र ले आ’ते हैं, जब’कि ऐ’सा कर’ने से बच’ना चाहि’ए. स्टी’ल शु’द्ध धा’तु न’हीं है. इ’स प’र रा’हु का प्र’भाव भी ज्या’दा हो’ता है. आप’को सि’र्फ प्राकृ’तिक धा’तुओं की ही खरी’दारी कर’नी चा’हिए. मान’व नि’र्मित धा’तु में से के’वल पी’तल खरी’दा जा स’कता है.

धन’तेरस प’र कु’छ लो’ग एल्यूमिनि’यम के बर्त’न या सा’मान भी ख’रीद ले’ते हैं. इ’स धा’तु प’र भी रा’हु का प्रभा’व अधि’क हो’ता है. एल्यूमि’नियम को दु’र्भाग्य का सूच’क मा’ना ग’या है. त्यो’हार प’र एल्यूमिनि’यम की को’ई भी न’ई ची’ज घ”र में ला’ने से ब’चें.

ज्योति’ष के अनु’सार, लो’हे को शनि’देव का का’रक मा’ना जा’ता है. इस’लिए लो’हे से ब’नी ची’जों को धन’तेरस प’र भू’लकर भी खरी’दने की ग’लती न क’रें. ऐ’सा कर’ने से त्योहा’र प’र ध’न कु’बेर की कृ’पा न’हीं हो’ती है.

धनते’रस के दि’न धार’दार व’स्तुएं ख’रीदने से ब’चें. इ’स दि’न चा’कू, कैं’ची या को’ई धार’दार हथि’यार खरी’दने से स’ख्त पर’हेज क’रना चा’हिए. धनते’रस प’र इ’न ची’जों को ख’रीदना शु’भ न’हीं मा’ना जा’ता है.

धन’तेरस प’र कु’छ लो’ग प्ला’स्टिक की ब’नी ची’जें घ’र ले आ’ते हैं. ब’ता दें कि प्ला’स्टिक बर’कत न’हीं दे’ता है. इस’लिए धनते’रस प’र प्ला’स्टिक से ब’ना कि’सी भी तर’ह का सा’मान घ’र न लेक’र आ’एं.

धनते’रस प’र सेरा’मिक (ची’नी मि’ट्टी) से ब’ने ब’र्तन या गुल’दस्ता आ’दि ख’रीदना से बच’ना चा’हिए. इ’न ची’जों में स्था’यित्व न’हीं र’हता है, जि’ससे घ’र में बर’कत की क’मी रह’ती है. इस’लिए सेरा’मिक से ब’नी ची’जें बि’ल्कुल न ख’रीदें.

धनते’रस प’र कु’छ लो’ग कां’च के ब’र्तन या दूस’री ची’जें खरी’दते हैं. कां’च का सं’बंध रा’हु से मा’ना जा’ता है, इस’लिए धन’तेरस के दि’न इ’से खरी’दने से ब’चना चा’हिए. इ’स दि’न कां’च की ची’जों का इस्ते’माल भी न’हीं कर’ना चाहि’ए.

धन’तेरस के दि’न का’ले रं’ग की ची’जों को घ’र ला’ने से बच’ना चा’हिए. धन’तेरस ए’क बहु’त ही शु’भ दि’न है, जब’कि का’ला रं’ग हमे’शा से दु’र्भाग्य का प्रती’क मा’ना ग’या है. इसलि’ए धनते’रस प’र का’ले रं’ग की ची’जें खरी’दने से ब’चें.

धनते’रस के दि’न य’दि आ’प को’ई ब’र्तन या इस्तेमा’ल क’रने का सा’मान ख’रीदने की यो’जना ब’ना र’हे हैं तो ध्या’न र’खें कि उ’से घ’र में खा’ली न ले’कर आ’एं. घ’र में बर्त’न ला’ने से पह’ले इ’से पा’नी, चा’वल या कि’सी दू’सरी सा’मग्री से भ’र लें.

धन’तेरस के दि’न य’दि आ’प ते’ल या घी जै’सी ची’जें ख’रीदने जा र’हे हैं तो थो’ड़ा स’तर्क रहि’ए. ऐ’सी ची’जों में मि’लावट हो सक’ती है औ’र इ’स दि’न अ’शुद्ध ची’जें ख’रीदने से बच’ना चा’हिए. य’दि आ’प घ’र में रि’फाइंड का इस्तेमा’ल क’रते हैं तो वो भी इ’स दि’न खरी’दने से ब’चें.