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वैलेंटाइन-डे स्पेशल में जाने कुछ ऐसे लव स्टोरी के बारे में जो प्यार करने वालो के लिए बन गयी मिसाल

14 फरवरी को आने वाला वैलेंटाइन-डे प्यार करने वालों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है. वैसे तो वैलेंटाइन डे हर लव बर्ड के लिए खास है, लेकिन आज हम कुछ ऐसे लोगो के बारे में बताएँगे. जिनका प्यार दुनिया के लिए मिसाल बन गया. तमाम परेशानियों के बावजूद इन जोड़ो ने अपनी मोहब्बत को कुर्बान नहीं होने दिया.

बात करते है सबसे पहले भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के बारे में. भारतीय राजनीति में इंदिरा और फिरोज गाँधी की लवस्टोरी बहुत चर्चित रही. दोनों की मुलाकात 1930 में हुई थी. आजादी की लड़ाई में इंदिरा की माँ कमला नेहरू एक कॉलेज के सामने धरना देने के दौरान बेहोश हो गयी थी. उस समय फिरोज गाँधी ने उनकी बहुत देखभाल की थी. कमला नेहरु का हालचाल जानने के लिए फिरोज अक्सर उनके घर जाते थे. इसी दौरान उनके और इंदिरा गाँधी के बीच नजदीकियां बढ़ी. फिरोज जब इलाहाबाद में रहने लगे उस दौरान वो आनंद भवन जाते रहते थे. फिरोज से इंदिरा की शादी 1942 में हुई लेकिन जवाहर लाल नेहरु इस शादी के खिलाफ थे. हलाकि महात्मा गाँधी के हस्तक्षेप के बाद दोनों की शादी हुई. फिरोज को बापू ने अपना सरनेम भी दिया. भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान इंदिरा और फिरोज साथ में जेल भी गये.

दूसरी सबसे चर्चित लव स्टोरी रही राजीव गाँधी और सोनिया गाँधी की. अगर इनकी स्टोरी को लव एट फर्स्ट साइट कहा जाये तो गलत नहीं होगा. सोनिया इटली के साधारण परिवार से थी. और कैम्ब्रीज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थी. यही उनकी मुलाकात राजीव गाँधी से हुई थी. सोनिया पढ़ाई के साथ ग्रीक रेस्टोरेंट में पार्ट टाइम जॉब भी करती थी. इसी रेस्टोरेंट में एक बार राजीव आए. दोनों की नजरे मीली और प्यार हो गया. सोनिया ने अपने परिवार को ख़त लिखकर बताया कि एक भरतीय लड़के से प्यार करती है. राजीव का प्यार ही उन्हें भारत लेकर आया और वो यही की होकर रह गयी. दोनों ने 1968 में अपने प्यार को एक खुबसूरत रिश्ते में बाध दिया.

ये कहानी भी गाँधी परीवार से ही है. देश के सबसे बड़े सियासी घराने की बेटी प्रियंका गाँधी और रॉबर्ट वाड्रा की लव स्टोरी भी बेहद दिलचस्प है दोनों की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के घर पर हुई थी. एक मैगजीन को दिए इन्टरव्यू में रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी लव स्टोरी के राज खोले. रॉबर्ट ने बताया था कि जब वो ब्रिटिश स्कूल में साथ पढ़ते थे तो उन्हें लगता था कि प्रियंका उनमे दिलचस्पी रखती है. दोनों में काफी बातचीत होती थी और धीरे-धीरे नजदीकीयां बढ़ी. दोनों के बीच की दोस्ती प्यार में बदलने लगी. प्रियंका की सादगी पर रॉबर्ट का दिल आ गया था. कहा जाता है जब रॉबर्ट ने प्रियंका से शादी का फैसला किया था तब रॉबर्ट के पिता इससे खुश नहीं थे. हलाकि बाद में वो शादी के लिए राजी हो गये और प्रियंका – रॉबर्ट 1997 में शादी के बंधन में बंधे.

उत्तर प्रेदश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और डिम्पल यादव की लव स्टोरी सिंपल और स्वीट है. अखिलेश यादव ऑस्ट्रेलिया से पढ़ाई करके लौटे ही थे कि उनकी मुलाकात डिंपल से हुई. उस समय अखिलेश 25 साल के थे जबकि डिंपल की उम्र 21 थी. अखिलेश फूटबाल के दीवाने थे और डिम्पल को घुड़सवारी का शौक था.मुलायम सिंह को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. लेकिन अखिलेश ने अपने पिता को मनाया. फिर नवम्बर 1999 में इनकी शादी हो गई.

ऐसी ही कुछ कहानी है बॉलीवुड स्टार शाहरुखखान की 1984 में गौरी से मिलने के बाद आज तक जिस तरह शाहरुख उनके प्यार में डूबे रहते है उसे देख कर कहा जा सकता है की इस प्यार में बहुत गहरायी है अपने प्यार को पाने के लिए शाहरुख को हर तरह की लड़ाई लड़नी पड़ी. पंजाबी ब्राम्हण और प्योर वेजिटेरियन फैमिली को मनाना शाहरुख के लिए लोहे के चने चबाने जैसा था.उसके ऊपर शाहरुख फिल्म इंडस्ट्री में करियर बनाने के जुगाड़ में थे जिससे हालात और भी बिगड़ गये यह सब कुछ करना जैसे नामुमकिन था. गौरी की फैमिली इस रिश्ते पर राजी नहीं थी कुछ समय बाद गौरी अपने कुछ फ्रेंड्स के साथ मुंबई चली आई. फैमिली में शाहरुख को एंट्री दिला ने के लिए पहले गौरी ने उन्हें हिन्दू ही बताया जिसका नाम अभिनव था. इससे पहले भी फर्स्ट सिरियल फौजी के कैरेक्टर अभिमन्यु के नाम से वो गौरी के बर्थडे में पार्टिसिपेट कर चुके थे तो उन दोनों को लगा कि यही सही आइडिया है. घर में जगह बनाने का. छह साल लम्बी कोर्टशिप के बाद फैमिली के सपोर्ट से 1991में शाहरुख और गौरी की शादी हुई .