Categories
News

सीआरपीएफ की ‘ कोबरा ‘ कमांडो यूनिट में पहली बार महिला टीम शामिल

आज के दौर में देखा जाए तो महिलाएं हर क्षेत्र में अपने जिम्मेदारीयों को बखुबी निभा रही है. और यही वजह होने के कारण कोई भी क्षेत्र महिलाओं से वंचित नहीं रह गया है. और अब एक बार फिर महिलोओं ने अपनी नयी पहचान बना ली है. तो आइये जानते हैं महिलाओ के नये पहचान के बारे में सीआरपीएफ की सभी 6 महिला बटालियनो से कुल 34 महिला कमांडो का चयन किया गया है.

नक्सलियों का पल भर में काम तमाम कर देने के लिए बनी कोबरा कमांडो में लेडी कमांडोज को पहली बार शामिल किया गया है. जंगलो में छुपे नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन के लिए सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन पहले से ही तैनाथ है लेकिन अब पहली बार नक्सलियों से निपटने के लिए कोबरा की फोर्स में महिला कमांडोज भी शामिल हुई. गुरुग्राम के सीआरपीएफ आकादमी में चल रही ट्रेनिंग के पूरा हो जाने के बाद इन कमांडोज को छतीसगढ़ और ओडिशा समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनाथ किया जायेगा. जानकारी के अनुसार 6 फरवरी को कोबरा की पहली महिला यूनिट को सीआरपीएफ में अधिकारिक रूप से शामिल किया जायेगा.

कोबरा कमांडोज की सबसे खास बात ये है की, ये ऐसी अक्रामकता से दुश्मन पर हमले करती है जिससे दुश्मन को पता ही नहीं चलता कि कब उसका सफाया हो गया. यह बटालियन मुख्यरूप से उन इलाकों में तैनाथ की जाती है जो नक्सलियों के कोर इलाके है. यानि जिन्हें नक्सल का गढ़ माना जाता है. कोबरा कमांडोज घने जंगलो में घुस कर नक्सलियों से लोहा लेते है. और उन्हें मौत के घाट उतारते हैं. इसलिए इन्हें गोरिल्ला वॉर के लिए निपुण माना जाता है.